अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
आम आदमी पार्टी मप्र द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पिछले दिनों में EVM को लेकर अनेक गंभीर तथ्य सामने आए हैं और उन तथ्यों से साफ होता है कि EVM में छेड़खानी की जा सकती है। 9 मई 2017 को दिल्ली विधान सभा में आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज द्वारा स्पष्ट रूप से सिद्ध किया गया कि EVM मशीन में छेड़खानी कर परिणामों को बदला जा सकता है। ऐसे में भारत का लोकतंत्र, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, पूरी तरह से खतरे में है।
लोकतंत्र की रक्षा के लिए EVM के इस्तेमाल के खिलाफ आम आदमी पार्टी द्वारा प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया गया। भोपाल में मध्य प्रदेश निर्वाचन सदन के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में EVM के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। तत्यपश्चात मुख्य चुनाव आयुक्त के नाम निम्न मांगों के साथ ज्ञापन दिया गया:-
1. आने वाले सभी चुनाव में हर EVM मशीन के साथ वीवीपैट (VVPAT) मशीन को संलग्न किया जाए, ताकि वोटर यह देख सके कि वह जिसे वोट दे रहा है उसी की पर्ची निकल रही है।
2. यह सुनिश्चित करने के लिए कि जो पर्ची निकल रही है गणना भी वही हो रही है, किसी भी सीट की 25% बूथों की ईवीएम की गणना एवं वी वी पैट (VVPAT) में डाली पर्चियों की गणना का मिलान किया जाए।
इस प्रदर्शन में प्रदेश सह सचिव दुष्यंत दांगी, क्षेत्रीय संगठन प्रभारी दिनेश मेघानी, जिला संयोजक अवधेश पुरोहित व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
प्रदेश में भोपाल के अतिरिक्त ग्वालियर, उज्जैन, सागर, कटनी, विदिशा गुना, शिवपुरी, भिंड, दमोह, रीवा, सतना, बालाघाट, हरदा, बुरहानपुर, खरगोन, शाजापुर आदि में प्रदर्शन किया गया।
- CAG द्वारा पकड़े गए EVM ख़रीदी घोटाले की हो जांच : आलोक अग्रवाल
CAG द्वारा EVM ख़रीदी घोटाला पकड़ा गया है। जिसमे मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग 2011-15 के बीच 54000 मशीने 9233 रु की जगह 11400 रु में ख़रीदी गई है। जिसके चलते 30 करोड़ का अतरिक्त भुगतान किया गया। इसी पर सवाल दागते हुए प्रदेश संयोजक श्री आलोक अग्रवाल ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में प्रदेश सरकार और राज्य चुनाव आयोग की मिली भगत सामने आई है। चुनाव आयोग पहले महँगी मशीने ख़रीदी और अब सरकार उस रिपोर्ट को छुपा कर चुनाव आयोग को बचा रही है। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग और प्रदेश सरकार से 3 सवाल भी पूछे:-
1. मशीनों में ऐसा क्या था जो उनके लिए अतिरिक्त पैसे दिए गए?
2. क्या इन मशीनों के चलते भाजपा निगम चुनाव आसानी से जीतती रही?
3. इस रिपोर्ट को अब तक सदन में क्यों नही पेश किया गया, क्या सरकार खुद को बचा रही है।
आम आदमी पार्टी मांग करती है कि इस प्रकरण की उच्च न्यायालय की निगरानी के स्वतंत्र जांच की जाए।
