अबरार अहमद खान, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश की एनआरसी, सीएए एवं एनपीआर विरोधी कोआर्डिनेशन कमेटी आगामी 30 जनवरी को इकबाल मैदान में “गांधी तेरे देश में: नागरिकता पर सवाल क्यों?” विषय पर विशाल राजस्तरीय जनसभा का आयोजन कर रही है। नागरिकता संशोधन अधिनियम, एनसीआर तथा एनपीआर को निरस्त करने की माँग को लेकर बापू के शहादत दिवस पर हो रही यह विशाल प्रतिरोध सभा दोपहर 2 बजे से शुरू होगी।
इस आयोजन में देश और प्रदेश के कई ख्यात बुद्धिजीवियों के साथ विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु, आंदोलनकारी छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और संस्कृतिकर्मी हिस्सेदारी करेंगे। इस कार्यक्रम में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष और चर्चित छात्र आईशी घोष, पत्रकार अरफा खानुम शेरवानी, सामाजिक कार्यकर्ता जाकिर रियाज, आर्च बिशप, सिख धर्मगुरु, सैयद मुस्तफा रिफाई साहब के साथ नर्मदा आंदोलन की वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर, दिल्ली यूनिवर्सिटी की पूर्व डीन और शिक्षा विद अनिल सदगोपाल, शायर मंजर भोपाली, वरिष्ठ कवि कुमार अम्बुज, शाहीन बाग़ के आंदोलनकारी, जामिया के आंदोलनकारी, समेत प्रदेश के विभिन्न श्रमिक संगठनों, किसान संगठनों, महिला संगठनों, आदिवासी संगठनों, पिछड़ा वर्ग संगठनों, युवा समूहों, छात्र संगठनों, लेखक एवं सांस्कृतिक संगठन एवं जन संगठन के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
प्रेस वार्ता में “मध्य प्रदेश की सीएए, एनआरसी, एनपीआर विरोधी कोआर्डिनेशन कमेटी” के सचिव मंडल की सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता आशा मिश्रा ने बताया कि हमारी संसद ने गत दिनों नागरिकता संशोधन अधिनियम पारित किया है। इस कानून के हालिया संशोधन भारतीय संविधान में वर्णित नागरिकता के सिद्धांत का खुला उल्लंघन तो हैं ही, हमारे महान देश की बुनियादी विशेषता और साझी विरासत के भी खिलाफ है। यही कारण है कि पूरे देश में सभी समुदायों और क्षेत्रों में इस कानून का निरंतर विरोध हो रहा है। यह प्रतिरोध अभूतपूर्व ढंग से स्वतः स्फूर्त है और खुद जनता इसका नेतृत्व कर रही है। इसमें छात्र, नौजवान, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक सहित समाज के तमाम वर्गों के लोग खासतौर पर महिलाएं नेतृत्वकारी भूमिका में हैं।
“कोआर्डिनेशन कमेटी” के सचिव मंडल के सदस्य विजय कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री के बोलने के बाद सरकार के कई मंत्री अब यह कह रहे हैं कि सरकार एनआरसी नहीं लाने जा रही है। जबकि सच्चाई यह है कि एनपीआर की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो एनआरसी का प्रथम चरण है। इसलिए जरूरी है कि इस कदम का शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक प्रतिरोध किया जाए। इसी दिशा में भारतीय राष्ट्रवाद के सबसे बड़े प्रतीक महात्मा गाँधी की नाथूराम गोडसे द्वारा हत्या की बरसी के अवसर पर भोपाल के इकबाल मैदान में विशाल प्रतिरोध सभा का आयोजन किया जा रहा है।
“कोआर्डिनेशन कमेटी” की ओर से इस प्रतिरोध सभा में नागरिकों से शिरकत करने की अपील करते आह्वान किया गया कि भारत के संविधान और लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए सीएए और एनआरसी के खिलाफ अपनी जोरदार आवाज उठायें और अपने दोस्तों, परिजनों और साथियों को भी आने के लिए प्रेरित करें।
प्रदेश के विभिन्न जिलों से आएंगे बड़ी संख्या में हिस्सेदारी
इस आयोजन के लिए प्रदेश भर के जनसंगठनों और संस्थाओं की “150 सदस्यीय कोआर्डिनेशन कमेटी” बनाई गई थी। यह कोआर्डिनेशन कमेटी 12 जनवरी को गांधी भवन में आयोजित बैठक में बनाई गई थी। इसके बाद 21 जनवरी की प्रदेश स्तरीय बैठक में कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा बनाई गई। बताया गया कि इस आयोजन में सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, देवास, नरसिंहगढ़, होशंगाबाद आदि करीबी जिलों के अलावा सिंगरौली, मंडला, बैतूल, छिंदवाड़ा समेत कई अन्य जिलों से बड़ी संख्या में दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी होगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
गांधी जी की पुण्यतिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इस दौरान दिल्ली से जनगीत गायक और संस्कृतिकर्मी कपिल शर्मा अपने लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देंगे। साथ ही भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा), अशोकनगर की टीम जनगीत के जरिये व्यवस्था की पोल खोलेगी। इसके अलावा भोपाल के इकबाल बैंड के साथी अपनी संगीतमय प्रस्तुति देंगे।
प्रेस वार्ता में “सीएए, एनआरसी, एनपीआर विरोधी को आर्डिनेशन कमेटी” की ओर से आशा मिश्रा एवं विजय कुमार के अलावा मसूद भाई, जावेद बेग, शैलेंद्र शैली, सत्यम पांडे, अब्दुल हक, सीमा कुरुप, योगेश सिंह कुशवाहा और सचिन श्रीवास्तव उपस्थित थे।
