अशफाक कायमखानी, जयपुर, NIT;
यूपी चुनाव में मात खाई बहन मायावती ने राजस्थान के धोलपुर में मौजूदा बसपा विधायक बी.एल कुशवाह को सजा होने के बाद उनकी सदस्यता खतम होने से हो रहे उपचुनाव में बसपा का उम्मीदवार न उतारने से भाजपा के सामने कड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। भाजपा ने निर्वतमान विधायक बी.एल कुशवाह की पत्नी शोभारानी को भाजपा का उम्मीदवार बनाया है, वहीं कांग्रेस ने अपने पांच दफा विधायक रह चुके वयोवृद नेता बनवारी लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया है।
धोलपुर की महारानी व राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे हर हालत में अपने घर धोलपुर से भाजपा को जिताने के लिये एक दर्जन मंत्रियों व अन्य नेताओं को शोभारानी के नामांकन दाखिल करने के समय से लगा रखा है। वहीं नामांकन के आज आखिरी दिन कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलेट खुद अनेक नेताओं के साथ अपने उम्मीदवार बनवारी शर्मा के नामांकन के समय धोलपुर में मौजूद रहकर आर-पार की लड़ाई लड़ने का संकेत दे दिया है। आज चौकाने वाली बात यह रही कि आखिरी समय तक बसपा ने अपना उम्मीदवार खड़ा ना करके मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे को उन्ही के क्षेत्र में घेरने का ऐहलान करके रानी राजे के सामने बडी मुश्किल खड़ी कर दी है।
कुल मिलाकर यह है कि मजबूत आधार होने के बावजूद बसपा ने अपना उम्मीदवार इस उपचुनाव में खड़ा ना करके कांग्रेस को राहत व भाजपा के लिये दिक्कत खड़ी कर दी है। अगामी 9 अप्रेल को होने वाले इस उपचुनाव को हर हालत में भाजपा को जीतना है। वहीं कांग्रेस बसपा की मदद से यह चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री राजे को उनके ही घर में हराकर 2018 के आम चुनावों के पहले अपने पक्ष में माहौल बनाना चाहती है। वहीं मायावती यूपी का बदला लेने की फिराक में दिखाई दे रही हैं।
