रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:
हजरत चांद शाहा वली की मजार दरगाह शरीफ पर कौमी एकता व साम्प्रदायिक सद्भावना के प्रेरणा स्त्रोत हजरत चांद शाह वली रेहमतुल्लाह के मजार पर सालाना उर्स मुबारक का शानदार प्रोग्राम संपन्न हुआ। हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक उर्स मुबारक के मोके पर कमेटी द्वारा शाम को चादर सरीफ का जुलुस हुसैनी चौक से आस्ताने आलिया तक ले जाया गया। जुलूस के बाद प्रोग्राम का आगाज हुआ। कमेटी के तत्वाधान में आयोजित उर्स में रात्री में साजो साज के साथ कव्वाली का बेहतरीन प्रोग्राम हुआ जिसमें नन्हे से कव्वाल रेहान अली ने नन्ही सी जुबान से बडे़ सूफ़ियाना कलाम में एकता का संदेश कव्वाली के माध्यम से दिया। सुबह तक कव्वाल सूफ़ियाना कलाम पढ़ते रहे। कव्वाली प्रेमी (दर्शक) सुबह तक चांद शाह वली रहमतुल्लाह अलेह की मजार दरगाह शरीफ पर डटे रहे। कमेटी ने कौमी एकता की मिसाल पेश की। कवाली के प्रोग्राम में आम व खास ने बड़ी संख्या में शिरकत की।
