काला धन को व्हाइट करने के लिए अंडरवर्ल्ड ने जारी किए नये कोडवर्ड;  नोट बंदी से हवाला कारोबारी और अंडरवर्ल्ड सकते में | New India Times

सुहेल फारूकी, मुंबई, NIT; ​काला धन को व्हाइट करने के लिए अंडरवर्ल्ड ने जारी किए नये कोडवर्ड;  नोट बंदी से हवाला कारोबारी और अंडरवर्ल्ड सकते में | New India Timesमोदी सरकार द्वारा ब्लैकमनी पर नकेल कसने के मकसद से चलाए गए ‘नोटबंदी’ अभियान का सबसे अधिक असर काला कारोबार में संलिप्त लोगों, संस्थाओं एवं एजेंसियों पर हुआ है। इस कारोबार से जुड़े सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 500 और 1,000 के पुराने नोट बंद होने से भ्रष्ट नेता और सरकारी बाबुओं के अलावा सबसे ज्यादा नुकसान हवाला ऑपरेटर, सट्टा मार्केट और फेक करंसी कारोबार करनेवालों को हुआ है। इसके अलावा डी-कंपनी और अंडरवर्ल्ड के गैंग को भी जोर का झटका लगा है। हालांकि, अचानक लागू हुई नोटबंदी से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए इन दिनों कई नैशनल और इंटरनैशनल गिरोह तरह-तरह की जुगत भिड़ा रहे हैं। इनके गुर्गे नेपाल, बांग्लादेश, दुबई, सऊदी अरब और पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से लगातार संपर्क में हैं और इनके बीच गुपचुप बातचीत जारी है। ​काला धन को व्हाइट करने के लिए अंडरवर्ल्ड ने जारी किए नये कोडवर्ड;  नोट बंदी से हवाला कारोबारी और अंडरवर्ल्ड सकते में | New India Times

ब्लैक को व्हाइट करने के लिए किए जा रहे 6 ‘जुगाड़’ :-

खुफिया एजेंसियों को इन गिरोहों की बातचीत पर शक न हो, इसलिए इन्होंने कई नए कोड इजाद किए हैं, जिनको भेदने का काम इन दिनों खुफिया विभाग के लिए सरदर्द बना हुआ है। बताया जा रहा है कि ये कोड वर्ड पिछले दिनों खाड़ी देश की एक बड़े शहर में हुई काला कारोबारियों की अहम बैठक के बाद जारी किया गया है। ‘गार्डनर’ का ‘फ्लावर’ किसे देना है खुफिया विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दो नंबर का कारोबार करने वाले बदमाश इन दिनों जिन कोड वर्ड्स का इस्तेमाल करते हैं, उनमें 500 के पुराने नोट के लिए ‘येलो फ्लावर’, जबकि 500 की नए नोट के लिए ‘ग्रीन वेजिटेबल’, 1,000 रुपये के नोट का कोड वर्ड ‘रेड रोज’ जबकि 2,000 रुपये के नए नोट के लिए ‘पिंक पेपर’ का प्रयोग शामिल हैं। देखें: नोटबंदी के बाद काले धन वालों ने किए कैसे-कैसे जुगाड़? इसके अलावा ‘तिजोरी’ के लिए ‘गार्डन’ और नोटों के लिए ‘फ्लावर’ का इस्तेमाल बतौर कोड वर्ड किया जा रहा है। जिस व्यक्ति के पास ये नोट हैं, उसे गिरोह के लोग ‘गार्डनर’ यानी ‘माली’ और जिससे नोट लेने हैं, उसे ‘प्रिस्ट’ यानी ‘पुजारी’ कहकर संबोधित करते हैं। उदाहरण के तौर पर आपके ‘गार्डन’ में कितने ‘फ्लावर’ हैं, इसका मतलब आपकी ‘तिजोरी’ में कितने ‘नोट’ हैं, होता है। एक नजर कोडर्वड्स पर 500 के पुराने नोट- येलो फ्लावर 500 के नए नोट- ग्रीन वेजिटेबल 1,000 रुपये के नोट- रेड रोज 2,000 रुपये के नए नोट- पिंक पेपर।

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