फराज़ अंसारी, बहराइच (यूपी), NIT:

विजयदशमी के दूसरे दिन शनिवार को राजधानी लखनऊ से सटे बहराइच में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के जुलूस के दौरान कुछ थाना क्षेत्रों में जमकर बवाल हुआ। बौंडी थाना अंतर्गत खैरा बाजार में एक धर्मस्थल गेट के सामने से बैरिया गांव की प्रतिमा का जुलूस गुजर रहा था, बताया जाता है कि इसी दौरान एक पक्ष के करीब आधा दर्जन लोग लाठी-डंडा लेकर सामने आ गए, सभी ने अपने ऊपर गुलाल पड़ने की बात कही। कहासुनी के बाद विवाद की स्थिति बन गई। घटना के बाद से जुलूस में शामिल लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके चलते बहराइच-सीतापुर पर आवागमन ठप हो गया। सूचना पाकर आनन-फानन में पुलिस बल पहुंचा तब लोग शांत हुए लेकिन कुछ देर बाद काफी संख्या में दूसरे पक्ष के लोग आ गए और पथराव शुरू कर दिया। पथराव में बौंडी थाने की जीप भी क्षतिग्रस्त होने की खबर है।

पथराव के दौरान बैरिया गांव निवासी संजय तिवारी, पंडित रामानंद शास्त्री समेत आठ लोग घायल हुए हैं। उपद्रवियों ने जगदीश के होटल में जमकर तोड़फोड़ की। आसपास की दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया। उपजिलाधिकारी महसी कंचनराम ने जब और तीन थाने की फोर्स बुलवाई तब किसी तरह उपद्रवी शांत हुए। उधर जरवल रोड थाना क्षेत्र के जरवल धनसरी मार्ग पर किसान पोल्ट्री फार्म के पास धनसरी गांव से मूर्ति विसर्जन का जुलूस पहुंचा ही था कि पीछे से तेज रफ्तार कार ने जुलूस के साथ चल रहे राम सिंह यादव (45) पुत्र लालता प्रसाद निवासी धनसरी के पैर पर गाडी चढ़ा दी। युवक के पैर में फ्रैक्चर हो गया। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुस्तफाबाद में भर्ती कराया है। दुर्घटना से क्षुब्ध लोगों ने मूर्ति विसर्जन जुलूस को रोक कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक जरवलरोड श्याम बहादुर सिंह और सहित प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर हंगामा कर रहे लोगों को किसी तरह समझा बुझाकर मामला शांत कराया। इसके बावजूद भी तकरीबन एक घंटे तक हंगामे और प्रदर्शन की स्थिति रही। वहीं इसी थाना क्षेत्र बमियारी गांव की प्रतिमा विसर्जन के लिए मनेरी होते हुए विसर्जन स्थल की ओर जा रही थी। जुलूस में कुछ महिलाएं भी थीं। तभी एक समुदाय विशेष के कुछ युवकों ने महिलाओं के साथ अश्लीलता की। इस पर विवाद की स्थिति बन गई। लोगों ने सड़क पर ही जुलूस रोक कर आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी। उपजिलाधिकारी कैसरगंज पंकज कुमार, सीओ सिद्घार्थ तोमर दलबल के साथ पहुंचे। लगभग एक घंटे तक प्रदर्शन चला। किसी तरह लोगों को शांत किया गया। एक घंटे बाद जुलूस को रवाना किया गया।
प्राप्त सूचना के अनुसार बौंडी थाना क्षेत्र के खैरा बाजार से निकल रहे मूर्ति विसर्जन जुलूस पर अराजक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। उस उपद्रव के दौरान कई दुकानोंं में तोडफ़ोड़ भी की गयी। घटना की सूचना पर सीडीओ, एएसपी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मामले को शांत करवा कर दुर्गा प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए लोग आगे बढ़े। वहीं मामले में पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया। कुछ दूर आगे बढ़ते ही मूर्तियां फिर रोक दी गईं। शाम को पटटी, रामगढ़ी व बैरिया गांव की दुर्गा प्रतिमाएं विसर्जन के लिए खैरा बाजार से निकल रही थीं। इसी दौरान एक पक्ष के लोगों से कहासुनी होने के बाद पथराव शुरू हो गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक पथराव में दर्जन भर लोग घायल हो गए। दुकानों में तोडफ़ोड़ करते हुए अराजक तत्व सामानों को भी उठा ले गए। इसके विरोध में महसी क्षेत्र में विसर्जन के लिए जा रही सभी मूर्तियों को रोक दिया गया। वहीं बेडऩापुर व गनियापुर में मूर्ति रोककर आक्रोशित लोग धरने पर बैठ गए।

बवाल को देखते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्य मार्गों पर बैरीकेटिंग कर पांच थानों के पुलिस कर्मियों को तैनात कर लोगों के आवागमन पर रोक लगा दिया। आक्रोशित लोग पुलिस के ढुलमुल रवैए के साथ अराजक तत्वों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। मौके पर सीडीओ राहुल पांडेय, एएसपी रवींद्र सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचकर धरने पर बैठे लोगों को समझा-बुझाकर धरना समाप्त कराया। कुछ दूर चलकर विसर्जन जुलूस रात करीब 8:30 बजे फिर रोक दिया गया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि विसर्जन जुलूस के दौरान विशेष समुदाय के लोगों पर अबीर-गुलाल पडऩे से विवाद की स्थिति पैदा हो गई। जिस पर प्रशासन ने किसी तरह काबू पाया और सकुशल विसर्जन सम्पन्न करा पाया।
