नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
छात्रों के भीतर की तार्किक कलात्मकता और सृजनशीलता को मंच दे कर अनुभूति बाल निकेतन एवं अनुभूति विद्या निकेतन ने संविधान में निहित वैज्ञानिक चेतना को बढ़ावा दिया है। चेयरमैन अतुल जैन भावना जैन ने कला प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कूड़ेदान में फेंकी जा चुकी वस्तुओं से तैयार की गई अनेक चीजों को प्रदर्शनी में रखा गया। बच्चों ने आदिवासी वारली चित्रकला चाँद की छवियां प्रकृति की भीतरी छटाएं सामने रखी। निकेतन के दूसरी कक्षा के छात्रों ने खगोलीय संरचना चंद्रयान अपोलो 11 के मून लैंडिंग के दृश्य साकार किए।
आम तौर पर स्कूलों में पाठ्यक्रम को प्रैक्टिकल के साथ जोडक़र छात्रों का ज्ञान कोश बृहद किया जाता है लेकिन अनुभूति विद्या निकेतन एवं बाल निकेतन में छात्रों को हर विषय का बोध करवाया जाता है। इस पहल में निशा जैन अंबिका जैन ने कलात्मकता की चिकित्सा की, अशोक जैन ने बच्चों की सराहना की। ज्योति जैन शोभना जैन फरहाद गीमी अथांग जैन अन्मय जैन नंदलाल गादीया समेत सैकड़ो अभिभावकों ने प्रदर्शनी का लाभ उठाया।

