न्यू कबाड़ खाना का सुंदर नगर चौराहा बना विवादों का केंद्र? देर रात तक असामाजिक तत्वों के जमावड़े से रहवासी परेशान | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान,भोपाल (मप्र), NIT:

राजधानी भोपाल के थाना हनुमानगंज क्षेत्र स्थित न्यू कबाड़खाना के सुंदर नगर चौराहे पर दानिश टी स्टॉल के आसपास कथित तौर पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा स्थानीय रहवासियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि देर रात तक युवकों के जमावड़े, गाली-गलौज, शोर-शराबे और आए दिन होने वाले विवादों से इलाके का माहौल प्रभावित हो रहा है। इससे आसपास रहने वाले परिवारों, महिलाओं और बुजुर्गों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है।

स्थानीय रहवासियों के मुताबिक, चौराहे के आसपास देर रात तक लोगों के बैठे रहने के दौरान छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने लगते हैं। कई बार मामला बढ़ने पर मारपीट की स्थिति भी बन जाती है। लोगों का कहना है कि शोर-शराबे के कारण बच्चों की पढ़ाई और रात में लोगों की नींद प्रभावित हो रही है। रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि होटल और आसपास की गुमटियां देर रात तक खुली रहने से इस तरह के जमावड़े को बढ़ावा मिलता है।


जनसंवाद में उठे थे सुरक्षा के मुद्दे

गौरतलब है कि थाना हनुमानगंज क्षेत्र के न्यू कबाड़खाना में पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने नागरिकों के साथ जनसंवाद किया था। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने अवैध पार्किंग, नशाखोरी, जुआ, यातायात व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं पुलिस आयुक्त के सामने रखी थीं। पुलिस आयुक्त ने शिकायतों और सुझावों के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे।

इसके बावजूद सुंदर नगर चौराहे पर दानिश टी स्टॉल के आसपास कथित तौर पर लगातार जमावड़ा लगने और आए दिन विवाद होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में जनसंवाद के दौरान दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन और क्षेत्र में पुलिस की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग

क्षेत्रवासियों ने थाना हनुमानगंज पुलिस से मांग की है कि सुंदर नगर चौराहे और आसपास के इलाकों में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। देर रात तक होने वाले जमावड़े, गाली-गलौज और विवादों पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही, देर रात तक खुली रहने वाली दुकानों और गुमटियों के संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और क्षेत्रवासियों को राहत दिलाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था में कितना सुधार होता है।

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