मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
राब्ता मदरसा इस्लामिया अरबिया, मध्य प्रदेश के तत्वावधान में गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026, 25 रबीउल आखिर 1448 हिजरी को असर की नमाज़ से ईशा की नमाज़ तक बुरहानपुर की प्राचीन धार्मिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम शेख अली मुत्तक़ी, आदिलपुरा, बुरहानपुर में महत्वपूर्ण सम्मेलन (इजलास) आयोजित किया जाएगा।
दारुल उलूम देवबंद के राब्ता मदरसा इस्लामिया अरबिया के दिशा-निर्देशों के अनुसार हर वर्ष मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में सामूहिक सम्मेलन (इजलास) आयोजित किए जाते हैं। इन इजलास (सम्मेलनों) का उद्देश्य मदरसों के बीच आपसी संपर्क और समन्वय को मजबूत करना, धार्मिक एवं शैक्षणिक कार्यों में सामाजिक सहयोग बढ़ाना तथा सामूहिक जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए विचार-विमर्श करना है। इसी क्रम में बुरहानपुर में गुरुवार को आयोजित होने वाले इस सम्मेलन को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि हज़रत मौलाना शौकत अली कासमी, नाज़िम-ए-आम (महासचिव), ऑल इंडिया राब्ता मदरसा इस्लामिया, दारुल उलूम देवबंद तथा दारुल उलूम देवबंद में तफ़सीर, हदीस एवं अदब (साहित्य) के शिक्षक होंगे। इस इजलास की अध्यक्षता हज़रत मुफ़्ती अहमद खान साहब, अध्यक्ष राब्ता मदरसा मध्य प्रदेश एवं अध्यक्ष जमीयत उलेमा मध्य प्रदेश करेंगे। वहीं, हज़रत मुफ़्ती रहमतुल्लाह क़ासमी (नाज़िम एवं संस्थापक, दारुल उलूम शेख अली मुत्तक़ी, बुरहानपुर) के मार्गदर्शन में सम्मेलन आयोजित होगा। सम्मेलन का आयोजन हाफ़िज़ मोहम्मद ज़ुबैर मुत्तक़ी (प्रबंधक, दारुल उलूम शेख अली मुत्तक़ी) द्वारा किया जाएगा।
आयोजकों ने मध्य प्रदेश के सभी मदरसों के जिम्मेदारों, संचालकों, प्रबंधकों एवं संबंधित लोगों से विशेष अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में अवश्य शामिल हों। इससे आपसी विचार-विमर्श के माध्यम से मदरसों से जुड़े सामूहिक कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाने तथा धार्मिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के लिए मिलकर आगे बढ़ने के रास्ते तैयार होंगे।
आयोजकों ने यह भी कहा है कि यदि किसी मदरसे के जिम्मेदारों तक किसी कारणवश यह आमंत्रण नहीं पहुंच पाया हो, तो वे इसे अपना आमंत्रण समझकर इस सम्मेलन में अवश्य शामिल हों। सम्मेलन में मदरसों के बीच सहयोग बढ़ाने, धार्मिक शिक्षा के विकास तथा समाज एवं मुस्लिम समुदाय के कल्याण और उचित मार्गदर्शन के लिए सामूहिक प्रयासों को और अधिक मजबूत करने पर आपसी समन्वय के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।

