अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
लगातार बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए भोपाल साइबर क्राइम ने ‘टास्क फ्रॉड’ को लेकर जागरूकता एडवाइजरी जारी की है। हाल ही में शहर में ऐसे मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है, जिसमें अपराधी सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप या ईमेल के माध्यम से लोगों को छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क ऑफर करके लालच देते हैं और बाद में बड़ी रकम की ठगी कर लेते हैं।
एडवाइजरी के अनुसार साइबर अपराधी शुरुआत में मामूली रकम देकर पीड़ित का विश्वास जीतते हैं, फिर बड़े लाभ का प्रलोभन देकर उनसे भारी धनराशि निवेश कराने के लिए दबाव डालते हैं। कई मामलों में पीड़ितों द्वारा जमा की गई रकम फर्जी अकाउंट में ट्रांसफर कर ली जाती है।
सावधानियां:
किसी भी लिंक या पेमेंट प्लेटफॉर्म पर बिना जांचे-परखे क्लिक न करें।
अनजान व्यक्तियों के ऑफर, टास्क या बिजनेस प्रस्ताव को स्वीकार न करें।
सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप से मिलने वाले “वर्क फ्रॉम होम” या “ऑनलाइन टास्क” के ऑफर की पूर्ण सत्यता जांच लें।
अपने बैंक विवरण, OTP, UPI पिन या व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।
यदि आप शिकार हो जाएं:
तुरंत अपने बैंक को सूचित करें।
नज़दीकी पुलिस स्टेशन पर शिकायत दर्ज करवाएं।
पुलिस की अपील:
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें।
साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता दें और दूसरों को भी सतर्क रहने के लिए प्रेरित करें।
शिकायत के लिए मदद नंबर:
भोपाल साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 9479990636
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930
वेबसाइट: www.cybercrime.gov.in
पुलिस ने बताया कि ‘टास्क फ्रॉड’ एक संगठित साइबर अपराध है, जो मासूम और भोले-भाले लोगों को निशाना बनाता है। सतर्कता ही इससे बचने का सबसे बड़ा उपाय है।

