नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
नगर परिषद नगर पंचायत चुनाव 2025 के नतीजों में बीजेपी को नंबर वन पर लाने के प्रण को प्रतिष्ठा का इश्यू बना चुके मंत्री गिरीश महाजन के अपने गृह नगर जामनेर नगर परिषद मे 27/0 को ब्रेक लग गया है। कांग्रेस की रूपाली पारस ललवानी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार की प्रतिभा संतोष झालटे द्वारा नामांकन वापिस लेने के बाद मंत्री गिरीश महाजन की पत्नी साधना महाजन अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुन ली गई है।

नगर सेवकों की कुल 26 सीटों में बीजेपी ने 09 सीटें निर्विरोध निकाल ली है। बीजेपी द्वारा विपक्ष के प्रत्याशियों को डराने धमकाने और धर दबोचने के आरोपों का एन सी पी शरदचंद्र पवार द्वारा प्रदेश स्तर पर गंभीरता से संज्ञान लिया गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो, मराठी न्यूज चैनल्स पर उस किस्म की खबरें तेजी से प्रसारित हुई। परिणाम स्वरूप मैदान मे डटे महाविकास आघाड़ी के 17 उम्मीदवारों ने अब बीजेपी के ख़िलाफ़ मोर्चा संभाला है।
इस घटनाक्रम में जावेद इकबाल अब्दुल रशीद मुल्लाजी आवाम के बीच एक निडर बेबाक चेहरा बनकर उभरे हैं। लोकतंत्र में सार्वजनिक संस्थाओं के लिए निर्विरोध चुनाव की नींव पक्ष-विपक्ष की आम सहमती पर रखी जाती है आज की राजनीति मे ऐसा होने की अपेक्षा करना ग़लत होगा।
पूरे महाराष्ट्र मे इस प्रकार से निर्विरोध चुने गए वार्ड्स के लाखो वोटर्स अपने वोट देने के अधिकार से वंचित हो गए हैं। बेहतर होता कि विकास का दावा करने वाली बीजेपी अपने गढ़ जामनेर में तमाम सीटों पर चुनाव लड़ लेती और जनता के वोट से चुनकर आती। 17 में से विपक्ष का अगर एक भी प्रत्याशी जीत जाता है तो ये बीजेपी के निर्विरोध मॉडल की बड़ी हार होगी।

