उप जिलाधिकारी ने पराली प्रबंधन एवं फार्मर रजिस्ट्री जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना | New India Times

अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:

उप जिलाधिकारी इटवा कुणाल ने शुक्रवार को पराली प्रबंधन एवं फार्मर रजिस्ट्री के प्रति किसानों को जागरूक करने हेतु प्रचार-प्रसार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

उप जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में धान की कटाई का कार्य चल रहा है। ऐसे में किसान पराली न जलाएं। खेतों में फसल अवशेष जलाने पर माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) नई दिल्ली द्वारा पर्यावरण क्षतिपूर्ति हेतु अर्थदंड का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने आगे बताया कि किसान फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका सही ढंग से उपयोग करें। इसके विभिन्न तरीके हैं—जैसे मल्चर या सुपर सीडर के माध्यम से मिट्टी में मिलाना, कम्पोस्ट खाद तैयार करना, पशुओं के चारे के रूप में उपयोग करना अथवा बायोगैस उत्पादन करना। पराली प्रबंधन से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और वायु प्रदूषण में कमी आती है, जिससे पर्यावरण और किसानों दोनों को लाभ होता है।

उप जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि फार्मर रजिस्ट्री एक डिजिटल इकोसिस्टम है जिसे भारत सरकार ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य किसानों का एक संपूर्ण डेटाबेस तैयार करना है, जिसमें उनकी पहचान, भूमि रिकॉर्ड, आय, ऋण, फसल संबंधी जानकारी और बीमा इतिहास शामिल रहता है।

सभी किसान शीघ्रातिशीघ्र अपनी फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं। इस अवसर पर नायब तहसीलदार इटवा राघवेन्द्र पांडेय सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.