नवरत्न कंपनी एनटीपीसी रेलवे एमजीआर पर अनिश्चितकालीन हड़ताल, प्रबंधन के खिलाफ नारेबाज़ी, बिजली संकट की संभावना | New India Times

अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

बिहार के भागलपुर जिला के कहलगांव में नवरत्न कंपनी एनटीपीसी में संवीदा पर बहाल मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर गुरुवार की सुबह से ही एनटीपीसी रेलवे एमजीआर को अनिश्चितकालीन जाम कर कोयला जाने वाले रैक को रोक दिया।
हालांकि एनटीपीसी में कार्यरत सीआईएसएफ ने इन लोग का झंडा उखाड़ कर रेलवे ट्रैक चालु करने का असफल प्रयास किया जिसका आक्रोष इन मजदूरों में काफी है।
पिछले हड़ताल में प्रबंधन द्वारा दिये आश्वसनों को पूरा ना होता देख ये लोग कल सुबह 6 बजे से ही लाल झंडा लगा कर एनटीपीसी एमजीआर रेलवे ट्रेक को जाम कर दिया एवं एनटीपीसी प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाये।
आपको बताते चलें कि, ये लोग अक्सर अपनी मांगों को लेकर के धरना- प्रदर्शन आदि करते रहते हैं।

नवरत्न कंपनी एनटीपीसी रेलवे एमजीआर पर अनिश्चितकालीन हड़ताल, प्रबंधन के खिलाफ नारेबाज़ी, बिजली संकट की संभावना | New India Times

नवरत्न कंपनी एनटीपीसी इन मजदूरों को आश्वासन तो देती है लेकिन वे आश्वासन को पुरा नहीं करती है जिससे अक्सर ये लोग हड़ताल करते रहते हैं। हड़ताल करने के बाद इन लोगों को आश्वासन दिया जता है कि आप लोग की मंगों को पूरा किया जाएगा लेकिन मंगों को पुरा ना होता देख ये लोग पुन: हड़ताल कर देते हैं। पिछले दिनों भी ऐसा ही हुआ था जब यह लोग अनिश्चितकालीन के लिए हड़ताल किए थे तो इन लोगों को एनटीपीस प्रशासन की ओर से कहा गया था कि, आप लोगों की मांगों पर विचार किया जा रहा है लेकिन जब वह पूरा नहीं हुआ तो ये लोग पुन: गुरुवार को एनटीपीसी रेलवे एमजीआर को जाम कर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दिये एवं एनटीपीसी जाने वाली कोयला रैक को  रोक दिया।

आपको बताते चले कि, एनटीपीसी में बिजली कोयला से ही बनती है ,और अगर इस तरह से जाम लंबा रहा तो एनटीपीसी में कोयला संकट उत्पन्न होने  की
समस्या हो सकती है, जिससे बिजली की भी समस्या उत्पनन हो सकती।

देखने वाली बात यह होगी की इन लोगों की हड़ताल कब खत्म होती है और एनटीपीसी प्रशासन इन लोगों की मांगों को कब पुरा करती है।

आपको बताते चले कि कहलगांव एनटीपीसी में बिजली  की समस्या अगर उत्पनन होती है तो ये  पुरे बिहार ही नहीं कई जगह इसके प्रभाव में आ सकते हैं।

समाचार लिखे जाने तक मजदूर अपनी मांगों को लेकर डटे हुए थें। अब देखने वाली बात यह होगी  कि, इन मजदूरों की मांगे कब पुरी होती है ? फिलहल इन लोगों का कहना है कि, जब तक हमारी मांगे पुरी नहीं होती है तो हम लोग हरताल वापस नहीं लेंगे।

By nit

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