मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जहां करोड़ों रुपये गौमाता के सुधार और बेहतर बनाने के लिए गौपालन समिति के लिए प्रदान कर रहे हैं और समस्त कलेक्टरों को दिशा निर्देश जारी किए हैं वहीं मैहर जिले के अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत श्री शालग्राम जगन्नाथ गौपालन समिति मुकुन्दपुर ललितपुर नंबर 1 के गौपालन प्रबंधक द्वारा बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद का चोला पहन कर भारी भ्रष्टाचार और लापरवाही देखने को मिल रहा है। मीडिया कवरेज करने जैसे ही पहुंची वहां के परेशान मजदूर किसान अपनी-अपनी व्यथा बताना चालू कर दिये। बताया गया कि जो गाय लेकर गौपालन में आता है उससे 500 से 1000 रुपये तक की वसूली ली जाती है बाद में उन गायों को छोड़ दिया जाता है जिससे किसानों की फसल चौपट हो रही है। यहां पर गायों को केवल चराने के भरोसे रखा जाता है जिससे गायें आये दिन भारी तादाद में मर रहीं हैं। गौपालक तो मोटा हो रहा है किन्तु गायों की हालत जर जर हो रही है। गौपालक जो कल तक टूटी हुई सायकल से चलता था वह आज तीन मोटर सायकल एक ट्रेक्टर, बुलट और आलीशान फोर व्हीलर से चलता है साथ ही घर भी एसीमहल में तब्दील हो गया परन्तु बिजली का बिल मात्र दो सौ रुपये तक ही आता है। गौपालन के भाई के द्वारा बताया गया कि 10-11 सौ गायें है किन्तु मौके पर मात्र 3-4 गायें देखी गयीं। वायरल वीडियो में 3-4 गायें देखी जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर मीडिया सच्चाई उजागर न करने पाये इस तथ्य को छुपाने के लिए उक्त गौशाला संचालक ने पुलिस थाना प्रभारी को फोन लगाकर बताया कि गौशाला में हिन्दू मुसलमान विवाद हो रहा है जिस पर तत्काल पुलिस थाना प्रभारी एम.के. मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर जायज लिए और उक्त संचालक को झूठी जानकारी देने की बात कही।
मौके पर तमाम उपास्थ्ति लोगों और हल्का पटवारी पुष्पराज सिंह और राजेंद्र त्रिपाठी हल्का आमिन पटवारी से जानकारी जुटाई गई। वाह रे गौशाला संचालक तथ्य छुपाने में कोई कोताही नहीं छोड़ी। अब रही लापरवाही की बात जहां उक्त गौपालक संचालक गाय मेरी माता है गौमाता पर कष्ट नहीं सहन कर सकता का राग अलाप रहा है तो वहीं गायों को एक फुट गोबर में खड़े रहना पड़ता है जिससे गायों के मरने की तादाद आये दिन बढ़ती जा रही है। वायरल वीडियो में देखा जा रहा है कि गायें कितनी बेबस और लाचार हैं। बताया जा रहा है कि जो गायें मर जाती हैं उनके पैर बांधकर ट्रेक्टर से घसीटते हुए दूर ले जाया जाता है जिससे मांस के चिथड़े-चिथड़े उड़ रहे हैं।हड्डियां भारी तादाद में बेची जा रही हैं। जहां पर गौशाला है वहां काफी दूर तक गन्दगी और दुर्गन्ध फैला हुआ है। लोगों का जीना चलना फिरना दुश्वार हो गया है। तो इस बात से स्पष्ट हो रहा कि यदि प्रबंधक गायों को माता मानता तो ट्रेक्टर में पैरों को बांध कर घसीटते हुए न ले जाता। सोचनीय बात है कि किसी की मां का इंतकाल हो जाये तो क्या वह ट्रेक्टर में बांधकर घसीटते हुए स्मशान तक ले जायेगा। इसका मतलब साफ है कि भीड़भाड़ इलाके में गौ मेरी माता है का नाटक किया जा रहा है।

उक्त गौशाला में पशुओं की हालात देखकर गौमाता प्रेमी के रोंगटे खड़े हो जायेंगे पर उक्त संचालक कितना निर्दयी हो चुका है जो गौमाता के नाम से कई करोड़ रूपए का मालिक हो गया है। वहां पर बसे एससी-एसटी वर्ग के लोगों को भगा दिया गया, उन बेचारों के घरों को ढ़हा दिया गया। सिर्फ और सिर्फ वहां के एससी-एसटी वर्ग के लोग उक्त संचालक को बजरंग दल और आरएसएस का चोला पहनने के कारण डरे सहमे जुल्म सह लिये। जबकि बजरंग दल, आरएसएस के संस्थापक ऐसी बातें कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। अब तो यहां के एससी-एसटी वर्ग के लोग आरएसएस और बजरंग दल के मुख्य संस्थापक को शिकायत भी करेंगे। अतिक्रमण के बारे में लगभग दस एकड़ में फैला कर खेती-बाड़ी का काम भी किया जा रहा है। उक्त सभी समस्या और अतिक्रमण और स्थित को भांपते हुए क्षेत्रीय आम जनमानस के द्वारा न्यायालय से स्थगन आदेश जारी कराया गया है। जिसपर मौजूद पटवारी ने जायजा लेकर बताये कि लगभग दस एकड़ भूमि पर सब कुछ फैला हुआ है। क्षेत्रीय लोगों ने प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उक्त गौशाला की उच्च स्तरीय जांच कराकर गौशाला प्रबंधक को हटाये जाने की आवाज लगा रहे हैं।
