नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

मराठा धनगर मुस्लिम लिंगायत समुदाय को आरक्षण देने के वचन के बल पर देवेन्द्र फडणवीस 2014 से सत्ता में है। मराठा नेता मनोज जरांगे की अडिगता के कारण ने सरकार को मराठा समाज के लिए हैदराबाद गैजेट सातारा गैजेट लागू करना पड़ा। मराठा समुदाय के आंदोलन ने हिंदू धर्म के सैकड़ों जाती हजारों उपजातियों में बंटे दूसरे तबकों को “सकल” शब्द देकर लामबंद करने की कोशिश की। हैदराबाद गैजेट के हवाले बंजारा समाज मांग करने लगा है कि उनको अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाए। बंजारा समाज द्वारा राज्य के अलग अलग शहरों में मोर्चे निकाले जा रहे हैं। जलगांव के बाद जामनेर में बंजारा समाज ने आंदोलन किया है।
समाज के नेता अपने भाषणों में 1857 की बगावत में अंग्रेजों के ख़िलाफ़ बंजारों की भूमिका। 1871 के जन्मजात क्रिमिनल ट्राइब कानून में बंधे घुमंतू जनजातियों को 1952 में पंडित नेहरू जी के कारण मिली स्वतंत्रता जैसे तथ्यों को अनुसूचित जनजाति के अनुसूची में शामिल कराने की मांग के पैमाने के तौर पर पेश करते है। देश के अलग अलग राज्यों में क्षेत्र निषेधाज्ञा के अनुसार बंजारा और अन्य घुमंतू जनजातिया SC/ST में है। महाराष्ट्र में बंजारा NT/VJNT/DNT के 11% में हस्तांतरणीय आरक्षण का लाभ लेता है। भारत के संविधान में अनुच्छेद 341 , 342 में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की पहचान सुनिश्चित की जा चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के मुताबिक ” आदिवासी का कोई धर्म नहीं होता ” उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों ने अपने कई फैसलों में आदिवासी और हिन्दू मैरेज एक्ट को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणियां की है। घुमंतू जनजातियों द्वारा अनुसूचित जनजाति में घुसपैठ के प्रयासों का भारत के संविधान में सूचीबद्ध किए गए आदिवासियों की ओर से तीव्र विरोध किया जा रहा है। हमारे सहयोगी तेजस की ओर से पुणे के जुन्नर में आयोजित आदिवासी खानपान संस्कृती महोत्सव में प्रस्तुत नृत्य का वीडियो पाठकों के लिए साझा कर रहे हैं।
वोटिंग लिस्ट शुद्धिकरण आरंभ:
भारत निर्वाचन आयोग के आदेश पर जलगांव जिले में मतदाता सूची शुद्धिकरण मुहिम आरंभ की गई है। मुहिम में मृतक स्थानांतरित और एक नाम से अनेक बूथ पर दर्ज मतदाताओं के नाम काटने के साथ नए वोटर के नाम जोड़ने का काम किया जाना है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी पकड़ ली है। महाराष्ट्र निकाय चुनावों के पहले राज्य में वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण ईमानदारी करवाना बेहद ज़रूरी है तभी पारदर्शक और निष्पक्ष चुनाव हो सकते है।

