संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:

केंद्र की मोदी सरकार लगातार अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से गरीबों, असहायों को लाभ पहुंचाने के कार्य कर रही है लेकिन जमीन पर बैठे जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी इन योजनाओं को ठप्प करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। ऐसा ही मामला पन्ना जिले के गुनौर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत घटारी में देखने को मिल रहा है। जहाँ पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक दीपेंद्र शर्मा ने अपने ही सगे भाई दुर्गेश शर्मा को अविवाहित होते हुए भी पीएम आवास योजना का लाभ दिलाया है। इस पूरे प्रकरण में मजे की बात तो यह है कि अपात्र को पात्र बनाकर एक ओर जहाँ पीएम आवास स्वीकृत किया गया तो वहीं दूसरी ओर कार्य के आधार पर तीन किस्तें भी जो लगभग 1 लाख 5 हजार रुपये है संबंधित के खाते में डाली भी जा चुकी है।

अगर हम जिओ टेक फोटो की भी बात करें तो हितग्राही अविवाहित दुर्गेश शर्मा ने अपने नवनिर्मित पीएम आवास के सामने एक महिला को खड़ा कर फोटो भी खिंचवाई जोकि पोर्टल पर उपलब्ध है। अब यह बात समझ से परे है अविवाहित व्यक्ति को पीएम आवास कैसे स्वीकृत हो गया, साथ ही किस महिला की फोटो पोर्टल पर अपलोड की गई है। यह तो संबंधित अधिकारी ही बता सकते हैं जोकि जाँच का विषय है। उक्त पूरे मामले की शिकायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी पन्ना को लिखित शिकायती आवेदन के रुप में दिनांक – 13/08/2025 को की गई थी, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी पन्ना द्वारा संबंधित रोजगार सहायक दीपेंद्र शर्मा को दिनांक – 13/08/2025 को कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया है।

कारण बताओ नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि आवेदक मंगल सिंह यादव निवासी ग्राम घटारी द्वारा लिखित आवेदन के माध्यम से बताया गया है कि घटारी ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक द्वारा अपने सगे भाई दुर्गेश शर्मा को फर्जी तरीके से पीएम आवास स्वीकृत किया गया है जिसमें पहली किस्त 25000/- रुपये एवं दूसरी किस्त 40000/- रुपये,कुल राशि 65000/- प्रदाय किये गये हैं, जबकि दुर्गेश शर्मा का स्वयं का डबल मंजिला मकान, जिसमें लगभग 16 पक्के कमरे बने हुए हैं जोकि नियम विरुद्ध प्रतीत होते हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी पन्ना ने पूरे मामलें में कारण बताओ नोटिस जारी कर 18/08/2025 को समय 11 बजे उपस्थित होकर जबाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।

आपको बतादें कि उक्त मामले में नोटिस जारी होने के बाद हितग्राही द्वारा मकान निर्माण का कार्य आरंभ किया गया है जो कि अभी पिलर लेबल पर है। अब सबाल उठता है कि प्रधानमंत्री आवास जैसी हितकारी योजना को कैसे भ्रस्ट कर्मचारी पलीता लगाने में लगे हैं। इस पूरे प्रकरण को पोर्टल पर देखा जाये तो हितग्राही को किस्तों के रुप में पहली किस्त 25000/-, दूसरी किस्त 40000/-, तीसरी किस्त 40000/- कुल 1लाख 5 हजार रुपये प्रदाय किये जा चुके हैं साथ ही मजदूरी 21900/- रुपये का भी भुगतान किया गया है। हितग्राही जोकि अविवाहित है साथ ही मौके पर कोई निर्माण कार्य न होने के बाबजूद लगातार किस्तें डाली गई है जोकि बडा जाँच का विषय है। अब देखना होगा उक्त पूरे मामले में जिले के वरिष्ठ अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं।

