अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:
राजधानी भोपाल के भदभदा तालाब पर उस वक़्त हड़कंप मच गया जब एक महिला कल शाम 6:30 बजे भदभदा ब्रिज पर अपनी चप्पल एवं दुपट्टा रखकर आत्महत्या के लिए तालाब में कूद गई।
तभी वहां पर परिवार के साथ घूमने आए हेड कांस्टेबल बलराम नागपुरे ने आसपास के लोगों का आवाज लगाई तथा तालाब में डूब रही महिला को हाथ हिलाते रखने हेतु आवाज लगाकर निरंतर हौसला बढ़ाते रहे तथा हेड कांस्टेबल बलराम ने पत्नि की मदद से वहां घूमने आई महिलाओं की चुन्नी इकट्ठी कर लगभग 10-15 चुन्नी जोड़कर उसकी रस्सी बनाई एवं ब्रिज से नीचे डाली । इस दौरान महिला पानी में डूब चुकी थी केवल सिर बाहर था।
इसी बीच मंदिर की तरफ़ से भोज बिहार पार्क के चौकीदार अनिल पिता गजराज सिंह ने तालाब में छलांग लगाई तथा हेड कांस्टेबल रघुनाथ वर्मा तथा हेड कांस्टेबल मनोहर बामनिया भी महिला को बचाने के लिए तालाब में कूद पड़े।
इस दौरान उक्त महिला ने चुन्नी से बने रस्सी को पकड़ लिया था एवं उसके सहारे लटकी रही। तब तक अनिल तैर कर महिला के पास पहुंचा एवं पुलिस स्टाफ की मदद से चुन्नी के सहारे महिलाओं को धीरे-धीरे किनारे पर ले गए तथा हेड कांस्टेबल रघुनाथ वर्मा एवं हेड कांस्टेबल मनोहर बामनिया की मदद से महिला को पानी के बाहर लाया एवं उपरांत महिला को ब्रिज के ऊपर लेकर आए । तब तक महिला की बच्ची और भतीजी वहां पर आ गई थी।
तभी वहां से निकल रहे प्रधान आरक्षक चंचल बस्तवर तथा हेड कांस्टेबल राजेश विश्वकर्मा की मदद से महिला को इलाज हेतु हेजेला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।सूचना पर महिला का पति भी अस्पताल पहुंच गया था l महिला के पेट में काफी पानी भर गया था फिलहाल महिला खतरे से बाहर है।
जानकारी के अनुसार महिला की उम्र करीब 34 साल है, जो गोरा गांव में परिवार के साथ रहती है एवं पति से विवाद के कारण आत्महत्या के लिए तालाब में कूद गई थी।
महिला को सकुशल बचाने में प्रमुख रूप से भोज विहार पार्क के चौकीदार अनिल पिता गणराज सिंह, हेड कांस्टेबल रघुनाथ वर्मा, हेड कांस्टेबल बलराम नागपुरे, हेड कांस्टेबल राजेश विश्वकर्मा, हेड कांस्टेबल मनोहर बामनिया की मुख्य भूमिका रही हैं ।

