ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:
अकोट शहर के हिवरखेड रोड पर काफी बड़े बड़े गड्ढे कई दिनों से है उस पर थोड़ी बारिश आते ही इन काम चोर अधिकारियों की पोल खोलना शुरू कर दी जिसे देख यह काम चोरों ने रास्ते पर मुरूम की भर्ती डालने की दिखावटी कार्य प्रणाली शुरू कर दी। किंतु यह दिखावटी कार्य प्रणाली भी मात्र दो दिनों में ही इनकी पोल खोलेने में कामयाब रही
दो दिनों में ही मुरूम रस्ते से कहां गायब हो गया किसी को कुछ पता ही नहीं चला और आज फिर से जंगल राज देखने को मिल रहा है। इस रस्ते पर न जाने कितने अस्पताल ऐसे हे जो कि महिलाओं की डिलीवरी करने के जाने माने अस्पताल हे साथ ही छोटे बच्चों से लेकर बढ़ो के अस्पताल देखने को मिलते हैं साथ ही हिवरखेड मार्ग पर प्रवासी वाहनों से लेकर ट्रांसपोर्ट वाहन भारी मात्रा में देखे जाते हे साथ ही इसी रस्ते पर बड़े बड़े उद्योग व जिंग प्रेसिंग फैक्ट्री होने के कारण यह रस्ते पर काफी आवाजवी रहती है किंतु कामचोर भ्रष्ट अधिकारियों को किसी से क्या लेना देना यह तो बस सरकारी नौकरी मात्र दिखावट के लिए करते हे ओर काम चोरों को अपनी पगार के अलावा कुछ नहीं दिखता इनकी ईमानदारी कहा चली गई।
किसी को कुछ पता नहीं बस सरकारी पेमेंट से अपनी खुशहाल जिंदगी जीना ओर खा पीकर रोजाना इसके अलावा इन को ओर क्या कहना ऐसे अधिकारियों के तबादले गढ़चिरौली जैसे इलाकों में करना चाहिए जहां पर इनको थोड़ा तो अहसास होंगा। किसी पत्रकार ने कुछ सच्चाई लिखने की कोशिश की तो उसे डराना धमकाना या किसी ओर झूठे केस में अटकाने की धमकी देना इन के लिए आम बात हो गई है। मजाल हे कि यह किसी पत्रकार को प्रतिक्रिया दे सके कितने भी फोन करो जवाब एक ही आयेंगे,,,,, में इस वक्त बीजी हु आखिर इतना भ्रष्टाचार ओर कौनसे काम में बीसी यह काफी सोचने समझने वाली बात है। इस रास्ते पर प्रेग्नेंट महिलाएं किस तरह से आवाजावी करती होंगी इससे इन अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता। आखिर इस ओर अकोला जिला अधिकारी क्या उचित कदम उठाएंगे यह देखना काफी महत्व पूर्ण होगा। इसी के साथ नागपुर पत्रकार संरक्षण समिति अकोट के मुद्दे पर जल्द ही नितिन गडकरी साहब व मुख्य मंत्री साहब से चर्चा कर ज्ञापन देंगी साथ ही कुंभ कर्ण अधिकारियों पर जल्द से जल्द कार्यवाही की मांग भी करेंगी।

