अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल के ऐतिहासिक इक़बाल मैदान का संरक्षण एवं संवारने का काम किया जा रहा है ताकि इसकी खूबसूरती बरकरार रहे। लेकिन मैदान की रौनक बढ़ाने वाले पत्थरों पर उकेरे गए अशआर को नज़र अंदाज़ किया जा रहा है।

मैदान की दीवारों पर पत्थरों पर उकेरे गए इक़बाल के शेर इसकी रौनक बढ़ाते थे और इसे एक विशेष पहचान देते थे, लेकिन संरक्षण कार्य के बावजूद इस महत्वपूर्ण पहलू को नजरअंदाज किया जा रहा है।

इसी मुद्दे को लेकर कोमी खिदमतगार भोपाल के हाजी मोहम्मद इमरान ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि, अल्लामा इक़बाल के अशआर को पूर्व की तरह ही इक़बाल मैदान की दीवारों पर दोबारा लगाया जाए, ताकि इसकी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान बरकरार रह सके।
