नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

गांव कस्बों देहातों मे जनता को अपनी संपत्ति का सत्यापन बड़ी आसानी के साथ होने के बाद उनके लिए बैंकिंग सेवाओं के द्वारा खुल जाएंगे। हमारे ग्रामीणों को अपना आर्थिक विकास साधने के लिए बैंक से ऋण मिलेंगे। संपत्ति को लेकर चलने वाले कानूनी पचड़ों में गिरावट आएगी। ग्रामीण भारत के आधुनिक निर्माण में इस योजना से मदद होगी।

आदिवासी जिले नंदूरबार में अनुसूचित जनजाति के ग्रामीणों को भारत सरकार की स्वामित्व योजना के दाखिले और सनद वितरण के मौके पर बोल रही केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने आगे अपने संबोधन में जनता को इस योजना से जुड़ने की अपील की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने दूरदृश्य प्रणाली से स्वामित्व के दस्तावेज बांटे। प्रधानमंत्री ने मनोहर मेवाड़ा, रोशन पाटील, गजेन्द्र संगीता, वरिंदर कुमार जैसे लाभ धारकों से वार्तालाप किया। ज्ञात हो कि नंदूरबार वही शहर है जहां पर UPA के समय शुरू किए गए आधार कार्ड पंजीकरण का सोनिया गांधी के हाथों प्रतिनिधिक तौर पर आरंभ किया गया था। आज NDA ने यहां से स्वामित्व योजना को लॉन्च किया है। महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली गरीब गुरबा जनता मोदी सरकार से एक वाजिब मांग कर रही है वो यह कि उनके अधीनस्थ देवेन्द्र फडणवीस सरकार तत्काल प्रभाव से महाराष्ट्र में “आपले सरकार” नाम से चल रहे ऑनलाइन सुविधा केंद्र बंद करे। पहले की तरह “एक खिड़की” योजना शुरू करवाई जाए। ऑनलाइन केंद्रों की ओर से जनता का पैसा लुटा जा रहा है। इस सब के बीच देश माता के लाल नामक एक तबका ऐसा है जो मुल्क में बढ़ती मंहगाई बेरोज़गारी के बजाये ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण नहीं होने से अधिक परेशान है।

