पुरानी यादों की ताजगी के साथ ‘गूंज’ उठा अर्वाचीन परिसर | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

पुरानी यादों की ताजगी के साथ ‘गूंज’ उठा अर्वाचीन परिसर | New India Times

अर्वाचीन इंडिया स्कूल फॉर होलिस्टिक लर्निंग का वार्षिक उत्सव ‘‘गूंज-2024‘‘ का रंगारंग आयोजन हुआ, जो संस्कृति और एकजुटता का एक दिव्य उत्सव रहा। स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और विशेष अतिथियों ने भाग लिया। जो विद्यार्थियों का उत्साह, रचनात्मकता और पुरानी यादों से भरी एक शाम देखने के लिए एकत्रित हुए।

‘‘ये उन दिनों की बात है‘‘ और ‘‘बचपन‘‘ थीम पर आयोजित हुआ ‘‘गूंज 2024‘‘

वर्ष 2024 का वार्षिक समारोह ‘ये उन दिनों की बात है‘‘ और ‘‘बचपन‘‘ थीम पर आधारित रहा, जो अतीत की यादों में एक दिल छू लेने वाली यात्रा है। इस विषय को संस्था की डायरेक्टर श्रीमती राखी मिश्रा ने बहुत ही गहन विचार करने के बाद मूर्त रूप देने का निर्णय लिया, जिन्होंने एक ऐसे कार्यक्रम की कल्पना की थी जो दर्शकों को परंपरा की समृद्धि और बचपन की मासूमियत का जश्न मनाते हुए, बीते दिनों के यादगार पलों में वापस ले जाए। कार्यक्रम की शुरूआत संस्था डायरेक्टर अमित मिश्रा के गर्मजोशी भरे स्वागत भाषण से हुई।

उनके शब्दों ने इस आयोजन के लिए वातावरण तैयार किया, जिसमें समग्र शिक्षा के पोषण के महत्व पर जोर दिया गया और बताया गया कि कैसे स्कूल में दिए गए मूल्य भविष्य के लिए एक ठोस आधार तैयार करते हैं। उनका हार्दिक संदेश सांस्कृतिक असाधारणता के प्रकटीकरण के लिए एक आदर्श प्रस्तावना था। अकेडमिक हेड श्रीमती दीप्ति पोडियन द्वारा वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने स्कूल की उपलब्धियों, शैक्षणिक मील के पत्थर और विभिन्न पाठ्येतर गतिविधियों पर प्रकाश डाला। रिपोर्ट ने न केवल छात्रों के कड़े परिश्रम और समर्पण को प्रदर्शित किया, बल्कि निरंतर विकास और उत्कृष्टता के लिए संस्थान के दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया।

प्रतिभा का हुआ शानदार प्रदर्शन, प्रस्तुति देख आश्चर्यचकित हुए उपस्थितजन

समारोह में प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन हुआ, जिसमें छात्र-छात्रों ने विभिन्न प्रस्तुतियां दी। जिससे उपस्थिजजन आश्चर्यचकित रह गए। सांस्कृतिक कार्यक्रम में नृत्य, गीत और नाटकीय प्रदर्शन सम्मिलित थे। प्रत्येक प्रस्तुति ने दर्शकों को अतीत के करीब ला दिया, भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का जश्न मनाते हुए सरल समय के सार को पकड़ लिया। स्कूल प्रशासन, शिक्षकों और छात्रों के सामूहिक प्रयास के कारण यह कार्यक्रम बेहद सफल रहा। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।

छात्रों के बीच रचनात्मकता, सांस्कृतिक प्रशंसा और भावनात्मक बुद्धिमत्ता को बढ़ावा

अर्वाचीन इंडिया स्कूल फॉर होलिस्टिक लर्निंग एक ऐसा माहौल बना रहा है जहां शिक्षा पाठ्य पुस्तकों से परे जाकर अपने छात्रों के बीच रचनात्मकता, सांस्कृतिक प्रशंसा और भावनात्मक बुद्धिमत्ता को बढ़ावा देती है। वार्षिक समारोह ‘‘गूंज-2024‘‘ एक सर्वांगीण शिक्षा प्रदान करने की स्कूल की प्रतिबद्धता का प्रमाण था जो भविष्य को गले लगाते हुए परंपरा का सम्मान करती है।

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