वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

लखीमपुर खीरी जिला के थाना मैगलगंज में जिन सिपाहियों का तबादला कुछ दिन पूर्व किया गया था वह अभी भी कोतवाली में जमे हुए हैं इससे पुलिस की कानून व्यवस्था खराब हो रही है और कोतवाल के यह खास पुलिस सिपाही क्षेत्र में अवैध वसूली कर रहे हैं और लोगों को जांच और कार्रवाई की धमकी देकर मनमाना रवैया अपना रहे हैं जिसके चलते डीजीपी की कानून व्यवस्था पर पानी फेरा जा रहा है। जिनका तबादला किया गया है उनको कुम्भ मेला ड्यूटी में नहीं भेजा गया है, कमाऊ सिपाही कोतवाल साहब के साथ रहते हैं और बाकी कुम्भ ड्यूटी में गए हैं।
बताते चलें कि मैगलगंज कोतवाली में बरसों से जमें भ्रस्टाचार की शिकायत पर कप्तान ने उनको गैर थाने पर भेजा गया था न जाने किसके रहमो करम पर अब भी रिलीव नहीं किए गए हैं वहीं कप्तान का आदेश हवा हवाई बना हुआ है और अन्य थाना पर स्थानांतरित कांस्टेबल कोतवाली में अवैध रूप से जमे हुए हैं और आने वाली हर कमाई को भली भांति परचित है इसलिए उन्हें मेला ड्यूटी में भी नहीं भेजा गया। मैगलगंज में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त होती जा रही है क्षेत्र में आए दिन हो रही चोरियों से पुलिस की गश्त पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मैगलगंज में चोरियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा वहीं मैगलगंज पुलिस सिर्फ गरीब जनता से वसूली करने में लगी पड़ी है जिसके कारण लगभग एक महीने पूर्व में हुए सिपाही बादल सिंह, प्रशांत मलिक, जीशान अली के तबादले के बाद उनको अभी तक थाना मैगलगंज छोड़ने का मन नहीं हो रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोतवाल इन लोगों की रवानगी नहीं कर रहे हैं क्योंकि यह लोग अच्छी मोटी रकम वसूल कर कोतवाल साहब को देते हैं। इस सम्बन्ध में जब पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा से संवाददाता ने बात की तो सरकारी फ़ोन उनके पीआरओ ने उठाया और बताया कि साहब मीटिंग में हैं जिससे उनका पक्ष नहीं जाना जा सका।

