नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
महाराष्ट्र सरकार में जलसंपदा विभाग को दो हिस्सों में बांटने के बाद 16 जिलों के मंत्री बनाए गए गिरीश महाजन के गृह नगर जामनेर की प्रशासनिक हालत को बयां करता एक वीडियो हम इस खबर में प्रकाशित कर रहे हैं। मौका था प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय ग्राहक दिवस के अवसर पर बंद कमरे में चंद लोगों के सामने खानापूर्ति समारोह समापन का। तहसील कार्यालय में राजस्व प्रमुख नाना साहब आगले की उपस्थिति में आयोजित करवाए गए राष्ट्रीय ग्राहक दिवस में आमंत्रित समाजवादी पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष रऊफ शेख ने आम जनता से जुड़े वो तमाम सवाल उठाए जिनको मुख्य धारा की पार्टियों के नेताओं को उठाना चाहिए था।राशन दुकानों पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना अंत्योदय के मुफ़्त राशन वितरण में की जा रही अनाज की चोरी।
दुकानदारों की ओर से रसीद का गबन और उससे की जाने वाली जमाखोरी पर शेख ने कटाक्ष किया। रऊफ ने ऑनलाइन सेतू सुविधा केंद्रों की ओर से ग्राहकों कि की जा रही बड़ी आर्थिक लुट का भंडाफोड़ कर दिया। New India Time’s से अनौपचारिक बातचीत में रऊफ ने बताया कि कई सुविधा केंद्र गांव कस्बों में जनता की सेवा के लिए रजिस्टर है लेकिन सारे के सारे चलाए जामनेर में जा रहे हैं।सरकार एक केंद्र को प्रत्येक प्रमाणित दस्तावेजी सेवा के लिए 10% कमीशन देती है बावजूद केंद्र चालक दाखिलों और हलफनामों के लिए गरीबों से निर्धारित दरों के दो गुना तीन गुना पैसा वसूलते हैं। इस बाबत प्रशासन आंख बंद कर के क्यों बैठा है ? रऊफ कहते हैं आम जनता से जुड़े तमाम प्रशासनिक कार्यक्रम खुले मंच पर होने चाहिए न कि बंद कमरों में।

