मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

देश में महिलाएं अब समाज में व्याप्त भ्रांतियां समाप्त हो रही है। महिलाएं घर की चार दीवारी से बाहर निकलकर अब पुरुषों की तरह हर क्षेत्र में अपने कदम आगे बढ़ा रही है और कामयाबी हासिल कर रही है। ऐसी ही कहानी है सतना जिले के विकासखण्ड नागौद अंतर्गत महतैन गांव में रहने वाली कमला मंडल की। कमला पढ़ी-लिखी महिला है और कुछ करने की इच्छा उनके मन में हमेशा बनी रहती थी। लेकिन पति के पास कोई स्थाई काम न होने से उनका गुजर-बसर बडी कठिनाई से हो पाता था। इसलिए आर्थिक तंगी की वजह से कमला कुछ नहीं कर पा रही थी। तभी उनके गांव में एनआरएलएम टीम पहुंची। जो महिलाओं का समूह बनाकर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सुदृढ बनाने का काम करती है। टीम के समझाने पर कमला मंडल मारूति स्व-सहायता समूह से जुड गई।
उन्हें म.प्र. डे. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से आरएफ की राशि 12 हजार रूपये प्राप्त हुई। जिससे अपनी प्राथमिक जरूरतें पूरी करने में कमला को मदद मिली। इसके बाद समूह को सीआईएफ की राशि 1 लाख रूपये प्राप्त हुई। जिससे कमला ने एक स्थाई आजीविका गतिविधि हेतु हर्बल ब्यूटी पार्लर संचालित करने के लिए दुकान बनवाई। ब्यूटी पार्लर शुरू करने के लिए समूह को 3 लाख रूपये का ऋण मिला। जिसमें कमला ने 50 हजार रूपये ऋण के रूप में प्राप्त हुआ। कमला ने अप्सरा हर्बल ब्यूटी पार्लर नाम की दुकान खोली। शुरूआती महीने में उनकी मासिक आमदनी 10 हजार रूपये है। हर्बल ब्यूटी पार्लर की ओर महिलाओं का रूझान बढने से कमला की आमदनी भी अब धीरे-धीरे और बढ रही है। अपनी लगन और कडी मेहनत से कमला ने पूरे गांव के लिए एक मिशाल कायम की है। जीवन में आये इस आर्थिक बदलाव और सुगमता के लिए कमला ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को हदय से धन्यवाद दिया।

