मुकेश कुमार रावत, पीपीगंज/गोरखपुर (यूपी), NIT:

गोरखपुर जिले के जंगल कौड़िया विकास खंड के तहत उसका गांव में उचित दर दुकान के चयन के लिए बृहस्पतिवार को एक खुली बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन यह बैठक बंद कमरे में हुई। इस बैठक में केवल एक ग्रामीण, गोविंद ने आवेदन किया और उन्हें चुन लिया गया। ग्रामीणों ने इस बैठक के औचित्य पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गांव में दुग्गी मुनादी द्वारा बैठक की सूचना नहीं दी गई, जिससे स्वयं सहायता समूह और ग्रामीणों को बैठक संबंधी जानकारी नहीं मिल पाई। बंद कमरे में बैठक आयोजित करने पर पर्यवेक्षक एडीओ पंचायत अखिलेश चन्द सिंह और एडीओ पीपी के कार्य प्रणाली पर सवाल उठ रहे है। इस मामले में बीडीओ सुरेश चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि दुग्गी मुनादी के बाद निर्धारित तिथि अनुसार कोटे का चयन खुली बैठक के द्वारा होना चाहिए। चयन में अनियमितता पाई गई तो दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

