यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

पीरामल फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान सहयोग से मंगलवार को राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खेरली धौलपुर में संपूर्णता अभियान के तहत आशा सहयोगियों और एएनएम के साथ बैठक का आयोजन किया गया। आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम संपूर्णता अभियान का उद्देश्य चिह्नित छह प्रमुख संकेतकों में संतृप्ति प्राप्त करना है यह अभियान नीति आयोग द्वारा 4 जुलाई से 30 सितंबर 2024 तक चलाया जाएगा। जिसमें स्वास्थ्य पोषण शिक्षा और कृषि से संबंधित चिह्नित संकेतक शामिल हैं गांधी फ़ेलो सूरज सैनी ने चिह्नित संकेतकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की और बताया कि उचित पोषण आहार न केवल बच्चों के शारीरिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि उनके मानसिक विकास के लिए भी आवश्यक है।
संतुलित पोषक आहार बच्चों को स्वस्थ और मज़बूत बनाता है और उनकी शिक्षा में भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। प्रारंभिक शिक्षा पर बोलते हुए सूरज सैनी ने बताया कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बच्चों के मज़बूत आधार और बेहतर भाषा कौशल के लिए गूगल रीड एलोंग ऐप का प्रदर्शन किया गया और इसके सदुपयोग और समुदाय के लोगों को जागरूक करने के लिए आशाओं को प्रेरित किया गया। इसके अलावा, आई-पास डेवलपमेंट फ़ाउंडेशन के मोहन शर्मा के सहयोग से विश्व जनसंख्या नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए मिशन परिवार विकास कार्यक्रम पर आमुखीकरण किया गया।
जिसमें परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों और प्रोत्साहन राशि के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान और चर्चा की गई इस सत्र के माध्यम से आशा सहयोगियों एएनएम और अन्य कर्मचारियों ने पोषण आहार स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के महत्व को समझा। डॉ ललित मगंल एमओ आईसी ने कहा कि पीरामल फाउंडेशन के सहयोग से इस प्रकार की जागरूकता बैठकों का आयोजन भविष्य में भी किया जाएगा ताकि समाज को जागरूक स्वस्थ शिक्षित सुरक्षित और न्यायसंगत बनाया जा सके संपूर्णता अभियान के चिह्नित संकेतकों से यह स्पष्ट है कि स्वास्थ्य और शिक्षा ही वे महत्वपूर्ण उपकरण हैं जिनसे हम समाज को सशक्त बना सकते हैं और एक स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव रख सकते हैं इस बैठक में भगवान स्वरूप धर्मेंद्र सिंह सीएचओ रमाकान्त शर्मा और 5 एएनएम सहित 20 आशा सहयोगियाँ उपस्थित रहीं।

