अशफ़ाक़ क़ायमखानी, ब्यूरो चीफ, जयपुर (राजस्थान), NIT:

राजस्थान में पहले राउंड की बारह व दुसरे राउंड की तेराह सीटों पर हुये मतदान के बाद सभी पच्चीस सीटों पर राजनीति पर नज़र रखने वाले अपने अपने हिसाब से मतदान प्रतिशत व बिरादरियों के झुकाव एवं शहरी-ग्रामीण मतदाताओं के मतदान में अंतर को सामने रखकर आंकलन करने लगे है। जिसके अनुसार पहला राउंड इण्डिया गठबंधन के लिये अच्छा व दुसरे राउंड में अच्छा करती नजर आई। यानि इण्डिया गठबंधन व भाजपा दोनों में बराबर का मुकाबला नज़र आ रहा है।
इण्डिया गठबंधन के पक्ष में राजस्थान की जाट बिरादरी के साथ यादव-गुर्जर-एससीएसटी व मुस्लिम बिरादरी का मजबूत गठजोड़ अच्छे प्रतिशत में मतदान करता नज़र आया। जबकि भाजपा के कोर वोटर्स राजपूत में भाजपा नेता पूरषोतम रुपाला को लेकर जारी नाराजगी बाडमेर को छोड़कर बाकी सभी जगह नजर आने से बाडमेर व जोधपुर को छोड़कर सभी जगह कम मतदान प्रतिशत में नजर आया।
भाजपा का अन्य कोर वोटर्स स्वर्ण व मूल ओबीसी का मतदाता उदासीन होने के चलते बूथ तक 2014-2019 के मुकाबले कम पहुंचा। इण्डिया गठबंधन को माकपा-भाकपा- आप-बाप व रालोपा से गठबंधन करके चुनाव लड़ने का फायदा काफी हुवा। सीकर की सीट पर माकपा के कामरेड अमरा राम, नागौर से रालोपा उम्मीदवार हनुमान बेनीवाल व बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट से बाप उम्मीदवार राजकुमार रोत भाजपा उम्मीदवारों पर भारी पड़ रहे है।
राजस्थान की गंगानगर, चूरु, झूंझुनू, सीकर, जयपुर ग्रामीण, अलवर, भरतपुर, करोली-धोलपुर, दौसा, टोंक-सवाईमाधोपुर- बाडमेर सीट पर इण्डिया गठबंधन इक्कीस नजर आ रहा है। बीकानेर, जयपुर शहर, अजमेर, उदयपुर, बारा-झालावाड़, राजसमंद, पाली व भीलवाड़ा मे भाजपा इक्कीस नजर आ रही है। जोधपुर, जालोर-सिरोही, चित्तौड़गढ़, कोटा, बांसवाड़ा मे मुकाबला कड़ा बताया जा रहा हैः जहां मामूली अंतर से कुछ भी हो सकता है।
कुल मिलाकर यह है कि राजस्थान की सभी पच्चीस सीटो पर मतदान हो चुका है। पहले राउंड के मुकाबले दुसरे राउंड मे मतदान प्रतिशत अच्छा रहा। बांसवाड़ा, बाडमेर सीट पर मत प्रतिशत अन्य सीटों के मुकाबले काफी अच्छा माना जा रहा है। इण्डिया गठबंधन के पक्ष मे खड़ी बिरादरी में जाट-गुर्जर-यादव-एससीएसटी व मुस्लिम मतो का जौश के साथ मतदान करना काफी फायदेमंद माना जा रहा है। 2019 के मुकाबले भाजपा राजस्थान में 12-से 13 सीट आसानी से खोती नज़र आ रही है।
