नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

मोदी-शाह मुर्दाबाद…, भ्रष्टाचार का एक ही काल केजरीवाल.., जैसे नारों से जलगांव रेलवे स्टेशन का परिसर गूंज उठा। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जलगांव में संविधान निर्माता डॉ बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर जी को प्रणाम कर मोदी सरकार के मुखालिफत में जमकर नारेबाजी की। सुप्रीम कोर्ट की ओर से 11 मई को दिए फैसले के मुताबिक दिल्ली की चुनी हुई सरकार को प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों का अधिकार बहाल किया गया है जिसके बाद मोदी सरकार ने इस फैसले को सिरे से ख़ारिज करते हुए 19 मई को नया अध्यादेश जारी कर तबादलों के सारे अधिकार अपने पास केंद्रित कर लिए। केंद्र सरकार की इसी तानाशाही के ख़िलाफ़ देश भर में आम आदमी पार्टी की ओर से आंदोलन किया गया। इस दौरान जलगांव यूनिट के आंदोलन में अभिजीत गोसावी, तुषार निकम, योगेश हिवरकर, तमाम ब्लॉक प्रमुख मौजूद रहे। केंद्र बनाम दिल्ली सरकार संघर्ष को व्यक्तिगत द्वेष की राजनीति वाले अजगर ने जकड़ लिया है जिसकी पकड़ में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं, दिल्ली में आयोजित महारैली में आप के तमाम नेताओं ने मोदी सरकार को जमकर लताड़ा। कानून के जानकारों के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश को सुप्रीम कोर्ट निरस्त कर सकती है।
राज्य सरकार पर चर्चा तेज
संसदीय लोकतंत्र व्यवस्था को लोकतंत्र के खिलाफ इस्तेमाल कर सेंगोल धारक राजा द्वारा साम्राज्यवादी सोच रखने वाली मोदी सरकार की पनाह से महाराष्ट्र में असंवैधानिक तरीके से बनी शिंदे-फडणवीस सरकार को लेकर जनता में सवाल तेज़ हो गए हैं। महाराष्ट्र में सत्ता का फंसा पेंच आने वाले दिनों में जनता के बीच संवैधानिक मूल्यों के प्रबोधन का कारण बनेगा। सूबे में भाजपा जितना देर तक अनैतिक सरकार चलाएगी उतना पार्टी की सीटें घटेंगी।
