ग्वालियर में वरिष्ट पत्रकार श्री अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी को लेकर पत्रकारों में आक्रोश | New India Times

संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

ग्वालियर में वरिष्ट पत्रकार श्री अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी को लेकर पत्रकारों में आक्रोश | New India Times

वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी को लेकर जहां देशभर में आक्रोश है वहीं ग्वालियर में भी पत्रकारों, साहित्यकारों व प्रबुद्धजनों ने इसका विरोध किया। गुरुवार को अभिव्यक्ति की आजादी मंच के बैनर तले पत्रकारों व प्रबुद्धजनों ने राष्ट्रपति के नाम एडीएम किशोर कन्याल को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने अर्नब की रिहाई और महाराष्ट्र सरकार की बर्खास्तगी की मांग की।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। जिसका जीता-जागता उदाहरण है हाल ही में वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी को द्वेशपूर्ण कार्रवाई करते हुए बलपूर्वक गिरफ्तार किया जाना है। वो भी एक ऐसे मामले में जिसे लगभग दो वर्ष पूर्व बंद किया जा चुका था। इस विद्वेशपूर्ण कार्रवाई से कहीं न कहीं अभिव्यक्ति की आजादी एवं प्रेस की स्वतंत्रता के लिए खतरा पैदा हो गया है। महाराष्ट्र सरकार की यह कार्रवाई मीडिया के कार्य में बेवजह दखलंदाजी करते हुए उसे कुचलने की मंशा से की गई प्रतीत होती है।
इसे लेकर पूरे देशभर में आक्रोश व्याप्त है। जिसको देखते हुए ग्वालियर में पत्रकार, लेखक और साहित्यकारों सहित शहर के प्रबुद्व नागरिक अपना विरोध दर्ज कराते हुए अर्नब गोस्वामी की रिहाई के साथ दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई एवं महाराष्ट्र सरकार की बर्खास्तगी की मांग करते हैं। इसे लेकर मंच के बैनर तले एडीएम किशोर कन्याल को ज्ञापन सौंपा गया। इससे पहले सभी पत्रकार व प्रबुद्धजन महारानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर एकत्रित हुए और मौन विरोध किया। उसके बाद सभी लोग कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान राजीव अग्रवाल, बृजमोहन शर्मा, प्रदीप शास्त्री, जोगेन्द्र सेन, राजलखन सिंह, प्रवीण दुबे, आकाश सक्सेना, दीपक तोमर, राकेश भारती, विक्रम प्रजापति, सुधीर शर्मा, डॉ. गोपाल त्यागी, सुरेश हिन्दुस्तानी, अमित जादौन, नवीन नायक, अजय मिश्रा, राजेश वाधवानी, वरुण शर्मा, हेमंत शर्मा, मनीष मांझी, चन्द्रप्रताप सिकरवार आदि उपस्थित रहे।

ग्वालियर। वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी को लेकर जहां देशभर में आक्रोश है वहीं ग्वालियर में भी पत्रकारों, साहित्यकारों व प्रबुद्धजनों ने इसका विरोध किया। गुरुवार को अभिव्यक्ति की आजादी मंच के बैनर तले पत्रकारों व प्रबुद्धजनों ने राष्ट्रपति के नाम एडीएम किशोर कन्याल को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने अर्नब की रिहाई और महाराष्ट्र सरकार की बर्खास्तगी की मांग की।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। जिसका जीता-जागता उदाहरण है हाल ही में वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी को द्वेशपूर्ण कार्रवाई करते हुए बलपूर्वक गिरफ्तार किया जाना है। वो भी एक ऐसे मामले में जिसे लगभग दो वर्ष पूर्व बंद किया जा चुका था। इस विद्वेशपूर्ण कार्रवाई से कहीं न कहीं अभिव्यक्ति की आजादी एवं प्रेस की स्वतंत्रता के लिए खतरा पैदा हो गया है। महाराष्ट्र सरकार की यह कार्रवाई मीडिया के कार्य में बेवजह दखलंदाजी करते हुए उसे कुचलने की मंशा से की गई प्रतीत होती है।
इसे लेकर पूरे देशभर में आक्रोश व्याप्त है। जिसको देखते हुए ग्वालियर में पत्रकार, लेखक और साहित्यकारों सहित शहर के प्रबुद्व नागरिक अपना विरोध दर्ज कराते हुए अर्नब गोस्वामी की रिहाई के साथ दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई एवं महाराष्ट्र सरकार की बर्खास्तगी की मांग करते हैं। इसे लेकर मंच के बैनर तले एडीएम किशोर कन्याल को ज्ञापन सौंपा गया। इससे पहले सभी पत्रकार व प्रबुद्धजन महारानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर एकत्रित हुए और मौन विरोध किया। उसके बाद सभी लोग कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान राजीव अग्रवाल, बृजमोहन शर्मा, प्रदीप शास्त्री, जोगेन्द्र सेन, राजलखन सिंह, प्रवीण दुबे, आकाश सक्सेना, दीपक तोमर, राकेश भारती, विक्रम प्रजापति, सुधीर शर्मा, डॉ. गोपाल त्यागी, सुरेश हिन्दुस्तानी, अमित जादौन, नवीन नायक, अजय मिश्रा, राजेश वाधवानी, वरुण शर्मा, हेमंत शर्मा, मनीष मांझी, चन्द्रप्रताप सिकरवार आदि उपस्थित रहे।

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