झाबुआ जिले में फिर कोरोना का रोना: प्रशासन अगर गंभीर नहीं हुआ तो कोरोना के मरीजों से मचेगा हाहाकार | New India Times

रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ जिले में फिर कोरोना का रोना: प्रशासन अगर गंभीर नहीं हुआ तो कोरोना के मरीजों से मचेगा हाहाकार | New India Times

झाबुआ जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मरीजों की वजह से आम जनता डरी एवं सहमी हुई है|झाबुआ, रानापुर, बामनिया, पेटलावद आदि शहर एवं गांव में लोग कोरोना बीमारी की चपेट में आये हैं|
झाबुआ में पूर्व में कोरोना से एक व्यक्ति की मृत्यु भी हो चुकी है|झाबुआ शहर वैसे तो लॉक डाउन के पहले कोरोना मुक्त था। समुचे शहर ने लॉक डाउन का पालन कर शासन प्रशासन को भरपुर सहयोग कर लॉक डाउन का पालन किया। शासन प्रशासन ने भी पुर्ण ईमानदारी से अपने कर्तव्य पथ पर चल कर झाबुआ जिले के शहर की हिफाजत की, जिले के कर्मठ जुझारु कलेक्टर महोदय भी कोरोना को लेकर संजीदा थे तो पुलिस विभाग भी कहा पीछे हटा उन्होंने भी रात दिन कर्तव्य पथ पर चल कर खरे उतरे।
स्वास्थ्य विभाग का अमला भी बिना भेद भाव के निडर होकर दवाखाने से लेकर सड़क तक डटे रहे और सेवा देने से नहीं चूके, वहीं समाज सेवकों ने अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन भी खुब किया।
सभी कोरोना योद्धाओं को धन्यवाद तो बनता ही हे।
लॉक डाउन काल पुर्ण होकर अनलोक 1 – 2 के आते ही कोरोना मरीजों की संख्या झाबुआ जिले मे चिंतित करने वाली हो गई।
लॉक डाउन खुलते ही जन जीवन सामान्य सा हो गया, सड़कें खचा खच भीड़ से पटने लगीं तो जन सामान्य के मन से कोरोना महामारी का डर भाग गया जैसी मानसिकता के कारण आज झाबुआ शहर लाल घेरे में आ रहा है। झाबुआ शहर के कई क्षेत्रों मे कोरोना संदिग्ध और मरीज मिलने से सरकारी आकडा दो अंकों में पहुंच चुका है।

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