मोहम्मद मुज़म्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

सूचना क्रांति के जनक, पंचायती राज व्यवस्था के संस्थापक, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. राजीव गांधी भारत के पहले युवा प्रधानमंत्री थे, वह सिर्फ 40 वर्ष की उम्र में प्रधानमंत्री बन गए थे। वे बहुत ही सरल स्वभाव के धैर्यवान व्यक्ति थे। वे बहुत ही सहनशील युवा के प्रतिबिंब थे। उन्होंने देश को आधुनिकता की ओर अग्रसर किया। उन्होंने युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए उनके हित में कई निर्णय एवं बदलाव किए। स्वर्गीय राजीव गांधी ने दिल्ली फ्लाइंग क्लब से पायलट की ट्रेनिंग भी ली।
स्वर्गीय राजीव गांधी एक युवा प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने देश की प्रगति में अमित योगदान दिया। उन्होंने देश में संचार क्रांति, कंप्यूटर जैसे विज्ञान को आरंभ किया। स्वर्गीय राजीव गांधी ने शिक्षा को हर तरफ से बढ़ाया एवं 18 वर्ष के युवाओं को मताधिकार से जोड़ा और पंचायती राज को भी शामिल किया। स्व . राजीव गांधी ने कई अहम फैसले लिए जिसमें श्रीलंका में शांति सेना भेजना, असम मिजोरम एवं पंजाब समझौता आदि शामिल था। स्वर्गीय राजीव गांधी ने कश्मीर और पंजाब में हो रही आंतरिक लड़ाई को भी काबू में करने की भरपूर कोशिश की। वे युवा शक्ति को अत्यधिक बढ़ावा देते थे। उनका मानना था कि देश का विकास युवाओं के द्वारा ही हो सकता है। देश के युवाओं को रोजगार भरपूर मिले इसके लिए वे हमेशा प्रयासरत रहे। स्वर्गीय राजीव गांधी ने इसके लिए जवाहर रोजगार योजना भी शुरू की। उक्त विचार कांग्रेस द्वारा आयोजित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में जुन्नारदेव विधायक सुनील उइके ने व्यक्त किये। सर्व प्रथम स्व. राजीव गांधी के चित्र का पूजनर्चन कर माल्यार्पण किया गया गया एवं 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए एवं स्व. राजीव गांधी के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।
उक्त कार्यक्रम में जुन्नारदेव विधायक सुनील उइके, नगरपालिका अध्यक्ष पुष्पा साहू, रमेश साहू, सुधीर लदरे, जीतेन्द्र अग्रवाल, हेमराज पवार, अरुण साहू, अरूणेश जयसवाल, नवीद सिद्दीकी, निसारगुल खान एवं अंकित राय उपस्थित थे।
