शिक्षामित्रों को बड़ी सौगात: मानदेय ₹10,000 से बढ़कर ₹18,000, कैशलेस इलाज की सुविधा भी | New India TimesOplus_131072

मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

शिक्षामित्रों को बड़ी सौगात: मानदेय ₹10,000 से बढ़कर ₹18,000, कैशलेस इलाज की सुविधा भी | New India Times

प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत 1.43 लाख शिक्षामित्रों के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक रहा। राज्य सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में लगभग 80 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह कर दिया है। इसके साथ ही शिक्षामित्रों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
इस उपलक्ष्य में गोरखपुर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘शिक्षामित्र सम्मान समारोह’ का सजीव प्रसारण शाहजहांपुर स्थित गन्ना शोध परिषद के प्रेक्षागृह में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना मौजूद रहे। उनके साथ तिलहर विधायक सलोना कुशवाहा, ददरौल विधायक अरविंद कुमार सिंह, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष डीपीएस राठौर, महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिव्या गुप्ता सहित जनपद के विभिन्न ब्लॉकों से आए 300 से अधिक शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने शिक्षामित्रों को मानदेय वृद्धि के प्रतीकात्मक चेक वितरित किए और उन्हें संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से कर्तव्य और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक स्वयं अच्छी आदतें अपनाएं, ताकि बच्चों में भी सकारात्मक संस्कार विकसित हों।
उन्होंने यह भी बताया कि अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर ₹17,000 प्रतिमाह कर दिया गया है और भविष्य में इसमें और वृद्धि की संभावना बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए, तभी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
कार्यक्रम में ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का भी विमोचन किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को अटूट विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं और उन बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी शिक्षकों पर है। उन्होंने शिक्षामित्रों से अपेक्षा की कि वे बच्चों को एक आदर्श नागरिक बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

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