मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव विधानसभा अंतर्गत तामिया के देलाखारी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रावास में अव्यवस्था और अनियमितताओं की शिकायत परिजनों द्वारा जिला परियोजना समन्वयक को की गई है।

शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि अधीक्षिका दीपीका नंदनी भारत पिछले सात वर्षों से पदस्थ हैं और इस दौरान उनसे कई अनियमितताएँ एवं बच्चियों के साथ अभद्र व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं।
परिजनों का कहना है कि—
• बच्चियों को मिलने वाली सुविधाएँ उनसे वंचित की जाती हैं।
• भोजन गुणवत्ताहीन और पर्याप्त मात्रा में नहीं दिया जाता।
• रोटियाँ गिनती की मिलती हैं और लकड़ी के चूल्हे पर रोटियाँ बनाने के लिए बच्चियों को मजबूर किया जाता है।
• बच्चियों से कपड़े धुलवाने, झाड़ू-पोंछा कराने और बाथरूम की नालियाँ साफ करवाने जैसे कार्य भी कराए जाते हैं।
• ओढ़ने-बिछाने के कपड़े भी घर से मंगवाए जाते हैं।
• बिस्तर राशि वर्षों से बच्चियों के खातों में जमा नहीं की गई है।
• दूध, फल, बिस्किट जैसी सुविधाएँ भी कभी नहीं दी जातीं।
आरोप यह भी है कि अधीक्षिका बच्चियों को धमकाती हैं कि यदि शिकायत की तो छात्रावास से नाम काट दिया जाएगा। उनका दावा है कि उनकी “ऊपर तक पहुँच” है और उन्हें कोई नहीं हटा सकता।
इसके अलावा, परिजनों ने यह भी बताया कि अधीक्षिका के पति भी छात्रावास परिसर में ही निवास करते हैं, जो नियमों के विपरीत है।
परिजनों ने अधीक्षिका को तत्काल हटाकर नई नियुक्ति करने की मांग की है। शिकायत के बाद भी अभी तक अधिकारियों द्वारा कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं की गई है।
इनका कहना है:
बीआरसी किशोर पांडे ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है, जाँच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

