पूर्व पेंशनरों के साथ भेदभाव पर रोक लगाने की माँग को लेकर पेंशनर्स एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

पूर्व पेंशनरों के साथ भेदभाव पर रोक लगाने की माँग को लेकर पेंशनर्स एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन | New India Times

आज एक ज्ञापन अखिल भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ नई दिल्ली एवं प्रांतीय निकाय प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन भोपाल के आव्हान पर सम्पूर्ण भारत एवं अखंड म.प्र. में माननीय प्रधानमन्त्री, भारत सरकार नई दिल्ली को कलेक्टर बुरहानपुर के माध्यम से सौंपा गया। जिस में यह उल्लेख किया गया कि केन्द्रीय सिविल सेवा ( पेंशन ) नियमों और भारत की संचित निधि से पेंशन देनदारियो पर व्यय के सिद्धांतों के वैधकरण से संबंधित विधेयक माननीय संसद से पारित हो जाए,के फलस्वरूप केंद्र सरकार को पूर्व पेंशनर्स और वर्तमान पेंशनरों में विभेद करने का अधिकार प्राप्त हो गया है।

इस प्रकार सरकार के द्वारा पूर्व पेंशनरों एवं वर्तमान पेंशनरों में भेद करने का अधिकार करने से ना केवल माननीय उच्च न्यायलय के विभिन्न निर्णयों का उल्लघंन होता है, वरण 01.01.2016 के पहले व इसके पश्चात के पेंशनरों के मध्य 7 वें वेतन आयोग द्वारा प्रदत् सामान्यता भी समाप्त हो जाने का जोखिम उत्पन्न हो गया है। पेंशन उन लोगों के लिए सामाजिक न्याय प्रदान करने हेतु एक समाजिक उपाय है, जिन्होंने अपने जीवन की सर्वोत्तम अवधि अपनी नियोक्ता के लिए इस आश्वासन के दृष्टिगत कठिन परिश्रम किया कि बुढ़ापे में उन्हें समाज में बेसहारा ना छोड़ा जाएगा।

पेंशन योजना इस लक्ष्य के साथ आगे बढ़नी चाहिए जिससे एक पेंशनर स्वावलम्बी, स्वतंत्र एवं स्वाभिमान से उसी स्तर का जीवन व्यतीत कर सके जैसा कि सेवा के पूर्व व्यतीत कर रहा था। अतः अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स फेडरेशन के आव्हान पर हमारा सादर अनुरोध है कि कृपया ममाले में पुनर्विचार करते हुए एसी व्यवस्था करने का कष्ट करे जिससे (पेंशनर्स )पूर्व दत्त सुविधाओ से वंचित ना हो। ज्ञापन सौपते समय प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन जिला बुरहानपुर के जिलाध्यक्ष एवं उपप्रांतीय अध्यक्ष अताउल्ला खान एवं उपाध्यक्ष प्रकाश मराठे , कोषाध्यक्ष रामदास सगरे एवं सभी पेंशनर्स सदस्यगण उपस्थित थे।

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