मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार द्वारा हाल ही में बनाई गई ट्रांसफर नीति को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव शिव सिंह ने भ्रष्टाचार के लिए एक सुनियोजित योजना बताते हुए सरकार को कड़ी चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आज तक कोई वैधानिक ट्रांसफर नीति नहीं बनाई सरकार को यह देखना चाहिए कि कौन सा अधिकारी किस सीट पर कब से पदस्थ है उसके खिलाफ कितनी शिकायतें हैं तथा न्यायपालिका की तरह स्कूलों में एडमीशन के समय सीमा को भी देखते हुए ट्रांसफर नीति बनाई जानी चाहिए थी लेकिन बिना नीति के प्रदेश के हर विभाग में ट्रांसफर आदेश जारी किए गए इसके बाद आर्थिक प्रभाव के चलते प्रदेश के तमाम जिलों में ट्रांसफर आदेश यथावत किए गए बदले गए।
शिव सिंह ने कहा कि मोहन सरकार की भ्रष्ट ट्रांसफर नीति का खुलासा तब हुआ जब कलेक्टर रीवा ने डिप्टी सीएम के पत्र क्रमांक 1740 दिनांक 11 जून 2025 के माध्यम से तहसील हुजूर क्षेत्र के पांच की संख्या में स्थानांतरित पटवारियों के स्थानांतरण को यथावत कर दिया ऐसी भ्रष्ट ट्रांसफर नीति पूरे मध्य प्रदेश में चल रही है उन्होंने कहा कि ट्रांसफर नीति के बाद के मंत्रियों विधायकों उनके सेक्रेटरी तथा खास लोगों के फोन कॉल डिटेल व उनके घरों बंगलों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करा ली जाए तो बीजेपी सरकार की ट्रांसफर नीति उसके लिए स्वयं कलंक साबित होगी शिव सिंह ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की ट्रांसफर योजना यदि पारदर्शी है तो इन सभी बिंदुओं की वर्तमान जजों की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।

