मध्य प्रदेश सर्वधर्म सद्भावना मंच एवं जमीअत उलमा मध्य प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में देश एवं प्रदेश की समस्याओं को लेकर हुई अहम बैठक | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश सर्वधर्म सद्भावना मंच एवं जमीअत उलमा मध्य प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में देश एवं प्रदेश की समस्याओं को लेकर हुई अहम बैठक | New India Times

मध्य प्रदेश सर्वधर्म सद्भावना मंच एवं जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में देश एवं प्रदेश की समस्याओं को लेकर भोपाल के गांधी भवन में एक अहम बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी एवं राष्ट्रीय सेक्युलर मंच के अध्यक्ष लज्जा शंकर हरदेनिया एवं कार्यक्रम का संचालन सर्वधर्म सद्भावना मंच के पदाधिकारी पंडित महेंद्र प्रसाद शर्मा ने की।

बैठक में मौजूद सभी लोगों ने देश भर में हो रहे बलात्कार की घटनाओं की कड़े शब्दो में निंदा करते हुऐ कहा कि देश में हमेशा यह होता आया है कि जब कोई घटना घटित हो जाती है तो सरकार को होश आता है लेकिन जब घटना पुरानी हो जाती है तो सरकार उसे भुला देती है और इस संबंध कोई मज़बूत कदम नहीं उठाती है, सभी ने एक मत होकर कहा कि बलात्कार के दोषी व्यक्ति को फांसी की सज़ा का प्रावधान होना चाहिए और ऐसे मुकदमों को फास्ट ट्रैक अदालत में चलाकर दोषी को जल्द सज़ा दी जानी चाहिए तभी ये मामले रुकेंगे।

देश भर में चल रही बुल्डोजर नीति का सभी ने विरोध करते हुए कहा कि बिना किसी न्यायिक प्रक्रिया को पूरे किए बिना किसी का मकान तोड़ देना सरासर अन्याय है और ये अन्याय देश की सरकारों के द्वारा किया जा रहा है इस पर फौरन रोक लगनी चाहिए।

कार्यक्रम के अध्यक्ष लज्जा शंकर हरदेनिया ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा की किसी के मकान को ढहा देना एक अलोकतांत्रिक प्रकिया है देश की सरकारें लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए होती हैं ना की संविधान का मखौल उड़ाने के लिए, आगे उन्होंने कहा की जिस तरह की बयान बाज़ी प्रदेश के मुख्य मंत्री जी कर रहे है जिसमे उन्होंने कहा कि देश मै रहने वालो के लिए श्री राम,श्री कृष्ण का नाम लेना अनिवार्य है ये एक असंवैधानिक बयान है भारत एक विविधताओं से भरा देश है और सभी कि अपनी अपनी धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं है देश में किसी को भी इस तरह विवश नही किया जा सकता है।

बैठक को सम्बोधित करते हुए जमीअत उलमा मध्यप्रदेश एवम सर्वधर्म सद्भावना मंच के पदाधिकारी हाजी मोहम्मद हारून ने छतरपुर की घटना के सम्बन्ध में कहा की घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए और इस बात की भी जांच होनी चाहिए की क्या वजह रही कि रिपोर्ट दर्ज कराने गए लोगो की रिपोर्ट नही लिखी गई और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगो से दुर्व्यवहार किया जिसके वजह से स्थिति बिगड़ी और बाद मैं प्रशासन द्वारा कानून का दुरूपयोग करते हुए लोगो के मकान ढहा दिए गए।

आगे उन्होंने कहा की पूरे देश में ऐसा कानून लाया जाना चाहिए की किसी भी मज़हब के मजहबी पेशवा चाहे वह श्री कृष्ण, हो श्री राम, पैगंबर मोहम्मद हो श्री बुद्ध हो श्री महावीर हो के खिलाफ अगर कोई अनर्गल बात करता हो तो उसे फांसी की सज़ा दी जानी चाहिए।

आगे उन्होंने कहा की देश मैं बलात्कार जैसी घटनाओं पर भी राजनीति हो रही है अगर घटना बंगाल की हो तो प्रतिक्रिया कुछ और होती है और घटना बदलापुर में हो तो प्रतिक्रिया कुछ और होती है देश में बलात्कार पर फांसी की सज़ा का प्रावधान जल्द लागू होना चाहिए।

आगे उन्होंने कहा की देश नागरिकों के जीवन में भारी असमानता है एक तरफ अमीर और अमीर हो रहे है और गरीब और गरीब, देश की बहुत बढ़ी जनसंख्या को दो रुपए किलो का गेहूं बेचा जा रहा है लेकिन इसकी परवाह कोई नही कर रहा है कि कैसे देश की इतनी बड़ी आबादी के जीवन स्तर को उपर उठाया जाए।

प्रदेश में शिक्षा के भगवाकरण के संबंध में उन्होंने कहा कि देश में सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए लेकिन इस बात को भी ध्यान में रखना चाहिए की सभी धर्म के लोगो की पूजा पद्धति अलग अलग है और एक दूसरे की पूजा पद्धति को दूसरे पर थोपा नही जाना नही जाना चाहिए।

सर्व धर्म सद्भावना मंच के पदाधिकारी राजेन्द्र कोठारी जी ने छतरपुर की घटना की निंदा करते हुए कहा की कितना बड़ा दुर्भाग्य है की आज अपराधी की सज़ा थाने का प्रभारी तय कर रहा है और उसके कहने पर मकान तोड़े जा रहे है प्रशासनिक अधिकारी न्याय और अन्याय तय कर रहे हैं।

बैठक को संबोधित करने वालों और सम्मिलित होने वालों मै विशेषकर अजय प्रताप सिंह जी पूर्व सांसद, श्रीमती नीना शर्मा जी, बादल सरोज जी, दीपचंद यादव जी, शैलेंद्र शैली, गुरुवेंद्र सिंह जी, इकबाल मसूद, जावेद अख़्तर, वरिष्ठ पत्रकार आरिफ अजीज, मोहम्मद माहिर एडवोकेट, सैयद महरुल हसन, अली अब्बास उम्मीद, मोहम्मद कलीम खान एडवोकेट, हाजी इमरान हारून, मोहम्मद सलमान, हिफजुर्रहमान सिद्दीकी एडवोकेट, हैदर यार खान, गुलरेज शकील खान, हाजी हनीफ अय्यूबी, ताज भोपाली, आरिफ अली खान, मुजाहिद मोहम्मद खान, मोहम्मद आमिर जैद, डॉक्टर निज़ाम उद्दीन, मौलाना अतहर नदवी, मुफ्ती मोहम्मद साबिर, फैसल अली, मुफ्ती मोहम्मद राफे अली, शॉवर अली आदि मौजूद थे।

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