गुलशन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान ग्वालियर में दिनांक 01 मई 2024 को अन्तर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य संस्थान के मज़दूरों की कड़ी मेहनत एवं प्रयासों की प्रशंसा करना तथा मजदूरों को अपने काम के प्रति समर्पित होना रहा।
संस्थान के निदेशक डॉ. निषांत दोषी ने बताया कि मजूदर दिवस एक महत्वपूर्ण अवसर है जो श्रम आंदोलन के अनमोल योगदान और विश्वभर के कर्मचारियों की उपलब्धियों का जश्न मनाता है। इसकी शुरुआत 10वीं शताब्दी के अंत में हुई थी। इसके ऐतिहासिक महत्व के अलावा, मजदूर दिवस श्रम मुद्दों पर विचार के लिए भी एक क्षण के रुप में सेवा करता है और कामगारों के अधिकारों के लिए लगातार वकालत की आवश्यकता को साकार करता है। यह प्रगति और समृद्धि को आगे बढ़ाने में श्रमशक्ति के योगदान को मान्यता और सराहना करने का दिन है।
संस्थान की सह निर्देशिका डॉ. तारिका सिंह सिकरवार ने बताया कि श्रम वाणिज्य की रीढ़ है, जो उत्पादकता, नवाचार और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। श्रम न केवल उत्पादन में अपना मौलिक योगदान देता है, बल्कि यह मानव पूंजी का प्रतिनिधित्व करता है, जिससे कौशल, विशेषज्ञता और रचनात्मकता उद्भव होता है तथा श्रम हमेशा एक कुशल और प्रेरित विस्तार, दक्षता और प्रौद्योगिकी अग्रसरता को बढ़ाता है, तथा उद्योगों को आगे बढ़ाने में मदद करता है।
इस कार्यक्रम के दौरान संस्थान के सभी मज़दूर उपस्थित रहे जिसमें से अशोक बाथम को सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी का पुरुस्कार राशि 3100 रु दी गई और सभी उपस्थित मजदूूरों को फूड पैकेक्ट्स वितरित किए गए। इसके अलावा मज़दूर दिवस पर मजदूरों को प्रोत्साहित करने के लिए संस्थान के प्रांगण में कई खेलों का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का आयोजन प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान के एच.आर. क्लब द्वारा कराया गया।
जिसकी समन्वयक सह प्राध्यापिका ईसा गोले रही तथा संस्थान के सभी फैकल्टी मैंबर्स तथा स्टाफ कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहा।
