मेमू के नाम पर सवारी गाड़ी का परिचालन, यात्रियों से वसूला जा रहा है एक्सप्रेस ट्रेन का किराया, सांसदो ने साधी चुप्पी | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

मेमू के नाम पर सवारी गाड़ी का परिचालन, यात्रियों से वसूला जा रहा है एक्सप्रेस ट्रेन का किराया, सांसदो ने साधी चुप्पी | New India Times

भुसावल जंक्शन से इगतपुरी तक चलाई जा रही 8 कोच वाली 11120/21 पैसेंजर मेमू ट्रेन को एक्सप्रेस के नाम के नीचे दोगुने किराए में हांका जा रहा है। भुसावल से सुबह सात बजे खुलने वाली इस मेमू ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों से एक्सप्रेस ट्रेन के पैमाने में किराया वसूला जा रहा है। सवारी मेमू और सुपर फास्ट एक्सप्रेस के किराए में महज 20 रुपए का अंतर है। वंदे भारत की तरह जापानी लुक वाले लोको इंजिन और मुंबई लोकल ट्रेन की शेप में डिजाइन किए गए कोचेस में सफर कर रहे क्षमता से अधिक यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मजबूर कर दिए गए हैं। हर एक स्टेशन पर रुकने वाली इस आधुनिक मेमू रेल गाड़ी के चालीसगांव पहुंचने पर पीछे आने वाली आधा दर्जन से अधिक सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेनों को आगे निकालना होता है। हमने एक यात्री से जानकारी ली तो उसने बताया कि 19 नवंबर को सवारी मेमू गाड़ी वागली, समिट , हिसवहल इन स्टेशनों पर नहीं रुकी। मतलब साफ है मेमू न तो एक्सप्रेस है और न हि सवारी गाड़ी जिसका हर स्टेशन पर रुकना अनिवार्य है। पूरे देश में इस प्रकार से कितनी ट्रैने चल रही है और फास्ट ट्रेन के नाम पर नागरिकों का कितना पैसा लूटा जा रहा है इसकी जानकारी मोदी सरकार को जनता के बीच सार्वजनिक करनी चाहिए।

मेमू के नाम पर सवारी गाड़ी का परिचालन, यात्रियों से वसूला जा रहा है एक्सप्रेस ट्रेन का किराया, सांसदो ने साधी चुप्पी | New India Times

रेलवे की ओर से लंबी दूरी की ट्रेनों में जनरल और शयनयान श्रेणी के डिब्बों की संख्या को जानबूझकर तेजी से घटाया जा रहा है। इनके जगह महंगे किराए वाले वातानुकूलित कोच बढ़ाए जा रहे हैं। 300 से 500 किमी के भीतर यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा के अप्रिय अनुभव को टालने के लिए AC का फेयर चार्ज करना पड़ रहा है। ट्रेनों परिचालन की अव्यवस्था पर छाती पीटकर फलाना ढिमका स्टेशन पर ट्रेन के स्टॉपेज की मांग करते यात्री संगठन और वोटों के लिए ज्ञापन , विज्ञापन और मांग पत्रों के माध्यम से अखबारबाजी करने वाले भाजपा के सांसद मेमू के इस नियमबाह्य तथा मनमाने किराए से यात्रियों की होने वाली लूट के मामले पर खामोश है। आम लोग चुपचाप अपनी मेहनत की कमाई को टिकट खिड़की पर लूटते हुए देख रहे हैं। रेल यात्रियों की मांग है कि मेमू सवारी किराया मसाले के गड़बड़झाले की जांच कराई जाए और इस गाड़ी के डिब्बों की संख्या को बढ़ाया जाए।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article