नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र में संपन्न 2359 ग्राम पंचायतों के चुनाव नतीजे सामने आ गए हैं। 800 सीटें जीतकर भाजपा राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। एकनाथ शिंदे और अजीत पवार गुट मिलाकर महायुती में यह आंकड़ा 1300+ का है। लोकनियुक्त सरपंच के साथ साथ सरकार में शामिल भाजपा द्वारा अब यह फैसला कर दिया जाना चाहिए की पंचायती चुनाव सीधे पार्टी चिन्ह पर लड़े जाए। इससे भाजपा का मेरिट स्कोर बढ़ने में मदत होगी लेकिन उसके सहयोगी दलों के बारे में कुछ ठोस कहा नहीं जा सकता। ऐसा फैसला करने के बाद संविधान की अनुसूची 10 तहत दलबदल कानून लागू नहीं होगा क्यो कि भाजपा ने दलबदल कानून की आभा ख़त्म कर दी है। ग्राम पंचायत चुनावों में राष्ट्रीय स्तर पर INDIA गठबंधन का हिस्सा मानी जाती महाविकास आघाड़ी का प्रदर्शन कुछ ठीक नहीं रहा। शिंदे – फडणवीस सरकार के सभी मंत्रियों ने अपने अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पकड़ बनाए रखी।

ग्रामविकास मंत्री गिरीश महाजन के गृह निर्वाचन जामनेर में सभी 17 ग्राम पंचायतों पर भाजपा का परचम लहराया है। 17 ग्राम पंचायत में 10 पर विपक्षी गठबंधन का पैनल भाजपा के साथ सीधे मुकाबले में पराजित हुआ। सात ग्राम में भाजपा के अलग अलग पैनल आपस में चुनाव लड़ रहे थे जिसमें विजयी तो भाजपा को हि होना था। सत्ता और उसके अधीन संसाधनों का प्रभावी रूप से इस्तेमाल कर स्थानीय स्वराज संस्था और निकायों के चुनाव कैसे जीते जाते हैं यह फार्मूला विपक्ष को भाजपा से सीखना चाहिए। आम तौर पर राजनीतिक परंपरा रही है कि जिस दल की सरकार सत्ता में होती है उसी दल की ओर जनता का रुझान होता है।
महाजन को मिला बल
ग्राम पंचायत चुनाव में भाजपा को मिली जीत ने मंत्री गिरीश महाजन के कुशल नेतृत्व को साबित कर दिया है। रावेर लोकसभा सीट के लिए महाजन को भाजपा के मजबूत प्रत्याशी के रूप में देखा जा रहा है। रावेर सीट पर बीते तीस साल से भाजपा का कब्ज़ा है। NCP नेता एकनाथ खडसे की पुत्रवधु रक्षा खडसे वर्तमान सांसद हैं। अगर गिरीश महाजन को रावेर सीट से लोकसभा का टिकट मिलता है तो पहली बार जामनेर को संसद में नेतृत्व करने का अवसर और भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर एक बेहतरीन संगठक मिलेगा।

