राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

टीबी मुक्त भारत अभियान को उच्च प्राथमिकता देना तथा इस अभियान को जन-आंदोलन बनाना सभी नागरिकों का कर्तव्य है, क्योंकि टीबी हमारे देश में अन्य सभी संक्रामक बीमारियों से सबसे अधिक मृत्यु का कारण है। डॉ अर्चना शरण ने कहा कि भारत की आबादी विश्व की आबादी से 20 प्रतिशत से थोड़ा कम है लेकिन विश्व के कुल टीबी मरीजों का 25 प्रतिशत से अधिक है। यह चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि टीबी रोग से ग्रसित अधिकतर लोग समाज के गरीब वर्ग के हैं। हेमराज लोधी ने कहा कि ‘न्यू इंडिया’ की सोच और कार्य पद्धति भारत को विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनाना है। कोविड-19 महामारी से निपटने में भारत ने विश्व के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत किया है। विश्वास के साथ आगे बढ़ने की ‘न्यू इंडिया’ की नीति टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में भी दिख रही है। संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों के अनुसार सभी देशों ने 2030 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य तय किया है, लेकिन भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य रखा है और इस संकल्प को पूरा करने के लिए प्रत्येक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। टीबी यूनिट देवरी में बीएमओ डॉक्टर अर्चना शरण एवं अन्य साथियों के द्वारा टीवी मरीजों के लिए फूड पॉकेट वितरित किए गए डॉ श्री मति अर्चना शरण ने दो मरीज, डॉ राहुल बरोलिया ने एक, डॉ सुमित्रा गोस्वामी ने एक टी आर अहिरवार एन एम एने एक मरीजो के लिए फूड वॉकिंग वितरित किए कार्यक्रम में डॉ प्रेमी कोष्टा, डॉ रेखा जैन, हेमराज सिंह लोधी, जय कुमार विश्वकर्मा, सूफिया बी पी एम, लोकेश यादव, नीरज खरे अन्य सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।
