नरेंद्र कुमार, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

31 अगस्त को कर्तव्यरत कृषी सहायक कन्हैया महाजन को बेरहमी से पीटने के मामले में धारा 353, 332, 504, 506, 34 के तहत बतौर आरोपी नामजद हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष गोविंद मुरलीधर अग्रवाल और उनके दोनो बेटे नितिन तथा नीलेश के अंतरिम जमानत पर 16 सितंबर को सत्र न्यायालय में निर्णय होगा. ज्ञात हो कि FIR दायर होने के बाद अग्रवाल एंड सन्स ने पुलिस द्वारा गिरफ्तारी से बचने के लिए सेशन कोर्ट में अंतरिम जमानत याचिका दायर की थी. पीड़ित की ओर से केस की पैरवी करने वाले अभियोक्ता एडवोकेट निखिल जे पाटिल ने बताया कि इस मामले में 13 सितंबर को सुनवाई होनी थी जो किसी कारणवश नहीं हो सकी दौरान कोर्ट ने पुलिस से उनका अभिप्राय मांगते हुए 16 सितंबर तक अग्रवाल एंड सन्स को अंतरिम जमानत दी है अब 16 सितंबर को कोर्ट में अग्रवाल एंड सन्स के अंतरिम जमानत पर दोनों पक्षों के युक्तिवाद के बाद अंतिम निर्णय होगा.
जांच अधिकारी प्रताप इंगले ने बताया कि हमने अभिप्राय कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है. विदित हो कि 31 अगस्त को कृषी अधिकारी के आदेश से सहयोगी धनराज चव्हाण के साथ अग्रवाल की निजी जिनिंग फैक्टरी की जांच करने शेंदुर्नी पहुंचे कन्हैया महाजन को गोविंद मुरलीधर अग्रवाल और उनके दोनों बेटों ने बेरहमी से पीटा. इसी बीच पीड़ित महाजन को अग्रवाल एंड सन्स के भीतर के सत्ता के अहंकार का घिनौना अनुभव भी आया. महाराष्ट्र राज्य कृषी सहायक संघटना ने काली फीते लगाकर घटना का धिक्कार किया था जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कोई ठोस स्टैंड नहीं लिया गया. भाजपा जिला उपाध्यक्ष से जुड़ी इस खबर को तमाम मराठी टीवी चैनलों ने अपनी स्क्रीन से गायब कर दिया. अगर विपक्ष का कोई नेता इस मामले मे आरोपी होता तो जमकर मीडिया ट्रायल होता और सजा का प्रावधान तक तय कर लिया जाता.
