एसएसपी बाबूराम ने रात्रि में चलाया रोको- टोको अभियान, रात्रि में थाने का गेट बंद ना करने का दिया निर्देश | New India Times

अतीश दीपंकर, भागलपुर (बिहार), NIT:

एसएसपी बाबूराम ने रात्रि में चलाया रोको- टोको अभियान, रात्रि में थाने का गेट बंद ना करने का दिया निर्देश | New India Times

भागलपुर रेलवे स्टेशन चौक पर देर रात एसएसपी बाबूराम के नेतृत्व में रोको- टोको अभियान चलाकर सभी वाहनों की जांच की गई और मास्क नहीं पहनने वालों का चालान काटा गया। एसएसपी ने पुलिस बल के साथ स्टेशन चौक और उसके आस-पास में लगे सीसीटीवी कैमरे को भी देखा और इसकी पूरी जानकारी ली.

एसएसपी ने कहा कि, कई बार आपराधिक घटनाएं व लूट-पाट की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में रोको- टोको अभियान कारगर है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य है कि, वैसे लोगों पर लगाम लगाई जाए। एसएसपी बाबूराम ने कहा कि सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि, जो महत्वपूर्ण दुकानदार हैं उनसे मिलकर सीसीटीवी लगाने के लिए प्रेरित करें और जहां लगे हैं वहां रिकॉर्डिंग क्वालिटी चेक करें। शहर में स्मार्ट सिटी के लगे कैमरे खराब होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के तरफ से जो कैमरे लगाए गए हैं समीक्षा कर उसे ठीक करवाने का प्रयास किया जाएगा।

एसएसपी बाबूराम ने रात्रि में चलाया रोको- टोको अभियान, रात्रि में थाने का गेट बंद ना करने का दिया निर्देश | New India Times

आपको बता दें कि, 27 दिसंबर 2017 को बिहार में पहली बार भागलपुर के तत्कालीन सीनियर एसपी आईपीएस मनोज कुमार की पहल पर रोको-टोको अभियान की शुरुआत भागलपुर में की गई थी। अभियान के कारण अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने में भागलपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली थी। बिहार के तत्कालीन डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने इस पहल को पूरे बिहार में उतारने की बात कही थी। बिहार पुलिस के द्वारा उसे अपनाया भी गया था। हालांकि भागलपुर में 2020 में तत्कालीन सीनियर एसपी आशीष भारती के जाने के बाद ये अभियान धीमा पड़ गया था और पुलिस के सीनियर अधिकारियों के नेतृत्व में रोको- टोको अभियान नहीं चलाया जा रहा था।

भागलपुर के एसएसपी बाबू राम ने फिर से इसकी शुरुआत की है। यह अभियान अपराध और अपराधियों के मनोबल को तोड़ने वाला साबित होगा।

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