अशफाक कायमखानी, ब्यूरो चीफ, जयपुर (राजस्थान), NIT:

राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा महंगाई के खिलाफ 12 दिसम्बर को जयपुर में आयोजित होने वाली रैली में भीड़ जुटाने को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मंत्री परिषद की बैठक करके सभी मंत्रियों को अपने अपने प्रभार वाले जिलों में दो दिवसीय दौरा करने के निर्देश देने के बाद सीकर जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती शंकुतला रावत की मौजूदगी में जिला कांग्रेस कार्यलय में आयोजित सभा में कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया के भाषण से कांग्रेस में नीचे से ऊपर तक हलचल पैदा करदी है। रैली को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व राहुल गांधी के अलावा अनेक दिग्गज नेता सम्बोधित करेंगे।
हालांकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा सहित सात विधायक कांग्रेस के निशान पर व एक निर्दलीय विधायक जीतने से आठों सीटों पर भाजपा का खाता भी खुल नहीं पाने में सुभाष महरिया की अहम भुमिका राजनीतिक हलकों में मानी जाती है। लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव के अलावा जिला प्रमुख चुनाव में विधायकों की उदासीनता से कांग्रेस के हाथ से जीती हुई बाजी हार में बदलने की समीक्षा व मंथन किसी भी स्तर पर नहीं होने से आज हालात यह बन चुके हैं कि कांग्रेस सरकार को सभी आठों विधायकों का समर्थन होने के बावजूद रैली में जिले से भीड़ लाने के लाले पड़ते दिखाई दे रहे हैं।
प्रभारी मंत्री शकुंतला रावत की मौजूदगी में आयोजित सीकर जिला कांग्रेस की मीटिंग में सुभाष महरिया ने अपने आपको कांग्रेस में नया नया आना बताते हुये कहा कि विधानसभा चुनाव के मुकाबले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार का मत प्रतिशत क्यों गिरा। जिला परिषद चुनाव में तीन कांग्रेस निदेशक निर्विरोध जीतने के साथ साथ आठों कांग्रेस विधायक (एक निर्दलीय सरकार समर्थक) होने के बावजूद कांग्रेस का जिला प्रमुख नहीं बनाने पर भी मंथन नहीं हुआ है।
महरिया के सम्बोधन के साथ ही मीटिंग में एकदम से उपस्थित लोगों में शांति छाने से लगा कि वो कार्यकर्ताओं के दिल से निकलने वाली जबान बोल रहे हैं। मीटिंग में विधायक राजू पारीक के अलावा सभी विधायक मौजूद नहीं थे लेकिन उनके समर्थकों ने महरिया के भाषण का वीडियो अपने अपने विधायक तक पहुंचाने के अलावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल किया। बताते हैं कि महरिया के भाषण का वीडियो दिग्गज नेताओं तक भी पहुंचा है। जिले की आठ विधानसभा क्षेत्र में से सात पर क्रमशः फतेहपुर से हाकल अली, लक्ष्मनगढ से गोविंद डोटासरा, धोद से परशराम मोरदिया, सीकर से राजेंद्र पारीक, दांतारामगढ़ से वीरेंद्र सिंह, श्रीमाधोपुर से दीपेन्द्र सिंह व नीमकाथाना से सुरेश मोदी कांग्रेस विधायक है। खण्डेला से बागी कांग्रेस महादेव सिंह विधायक है जो कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रहे हैं।
लाखों की भीड़ जमा करके जिले में अनेकों सभाएं कर चुके महरिया को क्षेत्र में भीड़ जुटाने का खिलाड़ी माना जाता है। जबकि उक्त रैली के पहले महरिया के घर में शादियां होने का सिलसिला जारी रहने के बावजूद उन्होंने प्रभारी मंत्री को विश्वास दिलाया की वो आलाकमान का हर आदेश मानते हुये रैली में बडी तादाद में लोग लेकर जायेंगे।
जयपुर के विधाधर नगर स्थित जिस मैदान में कांग्रेस रैली करने जा रही है वहाँ दरी-पट्टी पर ठूंस ठूंस कर बैठाने पर भी तीस हजार से अधिक लोग नहीं समा सकते हैं लेकिन इसी रैली में ओमीक्रोन नामक कोराना वायरस के प्रदेश में एक्टिव होने के बावजूद मुख्यमंत्री गहलोत दो लाख की भीड़ जुटाने का दावा कर रहे हैं। वहीं रैली के बहाने मुख्यमंत्री समर्थक मंत्री व उनके सलाहकार पद पर मनोनीत विधायक अपने प्रभार वाले जिले व निर्वाचन क्षेत्रों में रैली की तैयारी के लिये जाने पर इशारे ही इशारों में पायलट खेमे पर हमलावर होते देखे जा रहे हैं।
