मेहलका इकबाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

कोरोना लॉकडाउन और कर्फ्यू के कारण मजदूरों की स्थिति कितनी खराब है उसकी बानगी बुरहानपुर में देखने को मिली। गुजरात के सूरत से 10 मजदूर शुक्रवार को पैदल चलकर बुरहानपुर पहुंचे। इसकी जानकारी स्वर्गीय सांसद एवं नीमा के कद्दावर भाजपा जन नेता नंदकुमार सिंह चौहान के पुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान को पता चली तो उन्होंने इन 10 प्रवासी मजदूरों को जिला चिकित्सालय बुरहानपुर में अपने स्वर्गीय पिता के नाम संचालित अन्नपूर्णा रसोई घर में भोजन करवाकर और उनकी खैर खैरियत दरयाफ्त करने के पश्चात जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से बात करके और उनका टिकट करवा कर उन्हें उड़ीसा भेजने का प्रबंध किया और साथ में रास्ते के लिए भोजन भी पैक करवा कर दिया। सांसद के पुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान ने मीडिया को बताया कि
दरअसल यह मजदूर सूरत से पैदल निकले हैं, जिस ठेकेदार के पास यह काम करते हैं वह उन्हें कोरोना संक्रमण के कारण फैक्ट्री बंद होने से छोड़कर भाग गया। इसके बाद मजदूर भी बेरोजगार हो गए। उनके पास पैसा भी नहीं था। इसलिए वापस अपने घर उड़ीसा के लिए निकले, लेकिन जगह जगह परेशानी आई। बुरहानपुर पहुंचने पर कुछ मीडियाकर्मी उन्हें जिला अस्पताल लाए। यहां सांसद पुत्र हर्षवर्धनसिंह चौहान ने उनकी मदद की। मजदूरों को दोपहर और शाम का भोजन कराया साथ ही उनकी परेशानी को देखते हुए सभी 10 लोगों के ट्रेन के टिकट भी करवाए। उन्हें शनिवार को उनके घर के लिए रवाना कर दिया जाएगा।
गरीबों के लिए बेहद मददगार साबित हो रही अन्नपूर्णा रसोई
गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही सांसद नंदकुमार सिंह चौहान की स्मृति में उनके बेटे हर्षवर्धनसिंह चौहान द्वारा जिला अस्पताल में मरीजों को निःशुल्क भोजन मुहैया कराया जा रहा है। यहां मरीजों के अटेंडर और कोविड मरीजों को भी भोजन दिया जा रहा है। गरीबों के लिए यह अन्नपूर्णा रसोई काफी मददगार साबित हो रही है। शुक्रवार को करीब 10 मजदूर यहां पहुंचे तो उन्हें दोनों समय का भोजन भी कराया गया। इसी तरह कई लोगों के लिए यह रसोई कारगर साबित हो रही है। स्व. सांसद नंदकुमार सिंह चौहान की छवि देखने को मिल रही है उनके पुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान में, सूरत से आए प्रवासी मजदूरों की जिस प्रकार मदद भाजपा युवा नेता एवं सांसद पुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान ने की है, उसको देखते हुए यह महसूस हो रहा है कि युवा नेता में स्वर्गीय सांसद नंदकुमार सिंह चौहान जैसी सेवा करने का जज़्बा और तड़प और उन के पुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान में देखने को मिल रही है जिसकी सर्वत्र प्रशंसा की जा रही है।
