मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

बढ़ते संक्रमण में भी बड़े-बड़े शहरों में भी ट्रेन का परिचालन प्रारंभ है वही छिंदवाड़ा जिले की तहसील जुन्नारदेव में 1 वर्ष से ट्रेन का परिचालन बंद है जहां कोरोना के संक्रमण बहुत ही कम है, जहां आम लोगों को सफर करने के लिए वाहनों की अपेक्षा रेल से सफर करना किफायती सस्ता एवं आरामदायक लगता है। वहीं वाहनों का सफर महंगा एवं परेशानीयूक्त होता है। यात्री बसों में क्षमता से अधिक यात्री भरकर भारीभकम किराया वसूला जाता है जिससे लोगों को आर्थिक एवं मानसिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं आम लोगों के लिए कोरोना महामारी के दौरान ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया किन्तु अब देश एवं प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में यात्री रेल गाड़ियों का संचालन सुचारु रुप प्रारंभ कर दिया गया लेकिन छिंदवाडा जिले में ऐसी क्या समस्या हो गई जिसके कारण ट्रेनों की आवाजाही लगभग बीते वर्ष से बन्द पडी है? ट्रेनों का आवागमन बन्द होने के कारण सबसे अधिक छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर एवं गरीब वर्ग के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों के माध्यम से आमला, बोरदेही, नवेगांव सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के किसान, मजदूर एवं गरीब वर्ग के लोग कोयलाअंचल परासिया एवं जुन्नारदेव की ओर आवागमन करते थे, ट्रेनों के बन्द हो जाने के कारण कोयलाअंचल व्यावसायिक ससंधानों पर भारी मंदी का असर देखने को मिल रहा है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए ट्रेनों की आवाजाही शीघ्र ही सुचारु रुप से प्रारंभ किया जाना चाहिए. प्रशासन को ऐसे मामलों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है.
