गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकर नगर (यूपी), NIT:

कोरोना वायरस के कहर से पूरी सिस्टम फेल हो चुकी है। इस दौरान कितने कंगाल हुए तो कितने मालामाल। कोविड-19 के चलते काफी कम संख्या में ट्रेनों का संचालन होने से रेल टिकट की कालाबाजारी को लेकर दलालों की पौं बारह है। एक ओर जहां कुछ खास ट्रेनों में कंफर्म टिकट के लिए आम आदमी घंटों कतार में खड़े होने को मजबूर हैं, वहीं टिकट दलाल मोटी कमीशन लेकर काउंटर से कंफर्म टिकट हासिल कर रहे हैं। आम आदमी को आरक्षित टिकट आसानी से मिल सके इसके लिए आरपीएफ सब इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार ने दलालों के खिलाफ धरपकड़ अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत आरपीएफ ने अकबरपुर स्टेशन पर कालाबाजारी करते दलालों को रंगे हाथों दबैच कर जेल भेजने के लिए पूरी तरह कमर कस चुके हैं। ऑनलाइन बुकिंग करने वालों पर भी आरपीएफ सब इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार ने क्षेत्र शहर में जानकारियां जुटाने पर लगे हुए हैं।
उन्होंने मीडिया की बातचीत में बताया कि कैमरे में बोलने के लिए हम अधिकृत नहीं हैं, शिकायत आने पर हमारी पुलिस टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। इस महामारी में ट्रेनों की संख्या भी कम है जिसके कारण छुटपुट टिकटों की दलाली की शिकायतें संज्ञान में आने पर कार्रवाई भी की जा रही है। देखते हुए अभियान तेजी कर दिया गया है इससे इंस्पेक्टर नसीम खान द्वारा पहले भी टिकटों की कालाबाजारी करते समय रंगे हाथ दबोचे गए। आरोपित के खिलाफ रेलवे एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार पोस्ट का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि तत्काल आरक्षण काउंटर के बाहर टिकट की कालाबाजारी के खिलाफ अभियान जोरों पर चलाया जा रहा है। टिकट की लाइन में खड़े कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है। अगर जानकारियां सही होती हैं तो उन्हें छोड़ दिया जाता है।
