राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग की पहल पर मूक पक्षियों के लिए मिले जल-पात्र | New India Times

रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग की पहल पर मूक पक्षियों के लिए मिले जल-पात्र | New India Times

झाबुआ जिले के झकनावदा वैश्विक महामारी कोरोना वायरस कोविड-19 जैसी भयावह महामारी के चलते क्षेत्र में लॉक डाउन किया हुआ है वहीं भीषण गर्मी के चलते झकनावदा क्षेत्र में राष्ट्रीय पक्षी मोर जिनकी संख्या क्षेत्र में करीब चार सौ के लगभग है, इतनी ज्यादा संख्या होने से प्रतिदिन दाना पानी खाने पीने के लिए मोर सड़क पर आ जाते हैं जिससे कुत्ते आदि जानवरों का शिकार बन जाते हैं।
यह देख राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग के प्रतिनिधि प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमट द्वारा पेटलावद फॉरेस्ट विभाग के अधिकारी से दूरभाष पर संपर्क कर मुक पक्षीयों एवं राष्ट्रीय पक्षी मोरो के साथ आए दिन होने वाली घटनाओं से अवगत कराते हुए ! पानी भरने व दाना चुगने के लिए कुंडिया जल पात्र रखने की मांग की गई जिस पर वन परिक्षेत्र अधिकारी पेटलावद जूलियस पिपलाद ने अपनी टीम के साथ झकनावदा पहुंचकर प्रतिनिधि प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमट व संजय व्यास को 25 नग सीमेंट के जल पात्र कुंड दिए एवं कहा कि यह आपको जहां भी उचित लगे वहां पर रख दें मुख पक्षी दाना पानी चुगने आते हो सुरक्षित स्थान पर रखे व रोज जल भरे।
इस अवसर पर परिक्षेत्र सहायक मोहन सिंह सिंगार झकनावदा, बीट गार्ड शैलेश वसुनिया झकनावदा, बीट गार्ड कृपाल सिंह मोहनिया मोकमपुरा उपस्थित थे! इस पर कुमट ने फॉरेस्ट विभाग की टीम जो जल पात्र देने पहुंची उनको धन्यवाद प्रेषित कर उनका आभार माना! कहां आपने मुख जीवो के लिए रखी गई बातों को ध्यान में रख मात्र 2 घंटे में झकनावदा पहुंचकर जल पात्र उपलब्ध करवाएं!

उचित स्थान पर जाकर रखे जल पात्र

नगर में जिन जिन की छत एवं चबूतरो पर मुक पक्षी मोर आदि का जमावड़ा लगा होता है उन लोगों के घर घर जाकर मनीष कुमट एवं संजय व्यास ने जल पात्र दिए वह उन्हें समझाइश देखी आप इन जल पात्रों को रोज धोएं वह धोकर शुद्ध जल भरकर अपनी-अपनी छतों पर रखे वह साथ ही हो सके तो चावल मक्का आदि भी डालें जिससे कोई मुक पक्षी भूखा प्यासा ना रहे और साथ ही वैशाख का महीना है जिससे आपको हमको सभी को पुण्य तो मिलेगा ही और मुख पक्षी जो मुंह से बोल नहीं सकते वह भूख प्यास से मरेंगे नहीं।

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