रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

पी.एम. श्री शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, मेघनगर (जिला झाबुआ, मध्य प्रदेश) में कार्यरत भौतिक विज्ञान के व्याख्याता गौरव सिंगल, पुत्र स्वर्गीय प्रवीण कुमार, ने अपनी मेहनत और लगन से क्लर्क से लेकर व्याख्याता तक का प्रेरणादायक सफर तय किया है।

इनकी प्रारंभिक शिक्षा रायसिंहनगर, जिला श्रीगंगानगर (राजस्थान) में पूरी हुई। गौरव बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहे और बारहवीं कक्षा में उच्च वरीयता के साथ इंस्पायर स्कॉलरशिप भी प्राप्त की।

बारहवीं कक्षा के दौरान ही उनके पिता की हृदयाघात से मृत्यु हो जाने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति संभालने के लिए उन्हें निजी कोचिंग पढ़ानी पड़ी। शिक्षण कार्य में रुचि होने के कारण उन्होंने व्याख्याता बनने का लक्ष्य निर्धारित किया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी।
एम.एससी. करने के तुरंत बाद उन्होंने नेट और गेट परीक्षा प्रथम प्रयास में ही उत्तीर्ण कर ली। 2 से 3 वर्षों तक उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाएं दीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और प्रतिदिन पढ़ाई जारी रखी। परिणामस्वरूप उन्हें बिजली विभाग में क्लर्क के रूप में पहली नौकरी मिली।
नौकरी मिलने के बाद भी उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं बदला और नियमित रूप से 6 से 8 घंटे तक अध्ययन करते रहे। कुछ ही महीनों में उन्होंने वैज्ञानिक सहायक (मौसम विभाग) और वरिष्ठ तकनीकी सहायक (डीआरडीओ) के पद पर भी चयन प्राप्त किया।
कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयासों के चलते, वरिष्ठ तकनीकी सहायक के पद पर रहते हुए उन्होंने रेलवे, पोस्ट ऑफिस, बैंक, एसएससी, आईआईएम, फॉरेंसिक विभाग और मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग सहित कई परीक्षाओं में उच्च वरीयता से सफलता प्राप्त की।
इसी क्रम में उन्होंने अपने गृह राज्य राजस्थान में व्याख्याता (भौतिक विज्ञान) पद पर 16वीं रैंक के साथ चयनित होकर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों, पत्नी, चाचा-चाची, बहन-जीजा, रिश्तेदारों और मित्रों को दिया, जिनके आशीर्वाद और सहयोग से यह सफर संभव हो पाया।
राजस्थान राज्य में व्याख्याता पद पर चयन होने पर पी.एम. श्री शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, मेघनगर के प्राचार्य एवं प्रभारी संयुक्त संचालक झाबुआ गणपत सिंह देवहरे सहित समस्त स्टाफ ने गौरव सिंगल को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

