मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

कांग्रेस पार्टी के प्रसिद्ध युवा नेता अलहाज नूरुद्दीन क़ाज़ी और शिक्षाविद श्रीमती आस्था राय की डायरेक्टरशिप में संचालित बुरहानपुर ज़िले की सुपरिचित शिक्षण संस्था निमाड़ वैली इंटरनेशनल स्कूल, गणपति नाका बुरहानपुर में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के विदाई समारोह के अवसर पर एक रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन कक्षा ग्यारहवीं के विद्यार्थियों द्वारा किया गया। जिस में छात्र-छात्राओं ने एक के बाद एक रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने जहां अपने शिक्षकों का सम्मान किया तो वही संस्था द्वारा भी विद्यार्थियों को प्रशासनी पत्र देकर सम्मानित किया गया। संस्था के युवा डायरेक्टर नूरुद्दीन हमीद उद्दीन क़ाज़ी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप अपने आप को इस तरह तैयार करें कि आप अपने मां-बाप का नाम, शिक्षक शिक्षिकाओं का नाम रोशन करें।
इस उम्र में शरारत भी जरूरी है लेकिन अपने भविष्य को लेकर हमेशा सजग रहें। आप लोगों के साथ हमारी दुआ है कि आप लोग डॉक्टर बनो, इंजीनियर बनो, आप के मां-बाप का नाम सबसे ऊपर जाएगा। उसके बाद आपकी टीचर का नाम भी ऊपर जाएगा। कक्षा 11 वीं के विद्यार्थियों के लिए यह सेमीफाइनल है। हमें अपने सीनियर से क्या सीखना चाहिए और क्या नहीं सीखना चाहिए इसका भी ध्यान रखना है। आप सभी के लिए सारी शुभकामनाएं। आप तरक्की करो। आगे बढ़ो, अच्छी यादें संजो कर रखो। संस्था की डायरेक्टर एवं शिक्षाविद श्रीमती आस्था राय ने कहा कि बच्चे सभी अच्छे हैं। यह जो फेयरवेल होता है ना यह ट्रेनिंग पॉइंट होता है। जिंदगी का आप अभी स्कूल के शिकंजे में हो आपको बुरा लगता होगा कि स्कूल के टीचर्स रोक-टोक करते हैं।
आप सोचते होंगे कुछ चीज नहीं होनी चाहिए। यह आपकी स्कूल का आखिरी साल है। अब आपको अपने डिसीजन खुद लेना है। आपका फ्यूचर आपके सामने है । सभी को कुछ ना कुछ बनना है। आज का जो जीवन है वह पैसा अर्निंग मुख्य हो गई है । आपका कैरियर हो गया है । अगले साल आप सभी कॉलेज में जाएंगे । वहां अपनी जिम्मेदारी आपको निभाना है क्योंकि वहां पर आपकी जिम्मेदारी ज्यादा बन जाती है। आप अच्छे डॉक्टर बनेंगे तो हमारे काम आएंगे। आप अच्छे इंजीनियर बनेंगे तो घर का नक्शा हम आपसे बनवाएंगे । ऐसी कई शुभकामनाओं के साथ शिक्षक शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। इस दौरान संस्था के शिक्षक शिक्षिकाएं विद्यार्थी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

