मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

शिक्षा की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य शब्द को मानसिक बीमारी के रूप में देखते हैं। अवसाद के लक्षण पैतृक आव्हान से जुड़े होते हैं और जो लोग आत्महत्या करते हैं। उन्हें जादू टोना करने वाला करार दिया जाता है। इसी मानसिकता अंधविश्वास,अज्ञानता, भ्रांतियों एवं कलंक को दूर करने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय मनकक्ष विभाग बुरहानपुर की टीम का ग्रामीण क्षेत्र आयुष्मान आरोग्य मंदिर डाबिया खेड़ा तहसील नेपानगर जिला बुरहानपुर में मानसिक संवाद के द्वारा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता हेतु भ्रमण कर ग्रामीणों को जागरूककिया गया। मनकक्ष प्रभारी डॉ देवेंद्र झडानिया द्वारा ग्रामीणों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों के बारे में पुणे विस्तार से तर्कसंगत उदाहरण के साथ बताया गया।
इसके लिए ग्रामीणों को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और उपयोगिता के बारे में बताते हुए, मनहित एप एवं टेली मानस स्वास्थ्य सेवाएं 144 16 की उपयोगिता और क्रिया प्रणाली के बारे में किस प्रकार से घर बैठे लाभ ले सकते हैं ? और मानसिक विकार या समस्या होने पर निदान निःशुल्क मिल सकता है, के बारे में बताया गया। मनकक्ष प्रभारी एवं सीनियर नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती सीमा डेविड के द्वारा गर्भवती माता में मानसिक स्वास्थ्य की उपयोगिता एवं अनिवार्यता के बारे में स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं ग्रामीण स्त्री पुरुषों एवं गर्भवती माता एवं उनके परिजनों के पंपलेट एवं बैनर के माध्यम से समझाया गया। गर्भावस्था के समय गर्भवती माता का शारीरिक एवं मानसिक परीक्षण एवं गर्भस्थ शिशु पर इसके होने वाले प्रभाव के बारे में बताया गया। उपस्थित ग्रामीणों का परीक्षण कर ,बेहतर उपचार हेतु जिला चिकित्सालय से संपर्क के लिए कहा। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ग्रामीणों के आभा आईडी कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के लिए भी प्रेरित किया गया। ग्रामीणों में अवसाद के कारण बढ़ती आत्महत्या एवं नशीले पदार्थ के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव एवं समस्या के निराकरण के उपाय बताए गए।
उक्त भ्रमण में जिला चिकित्सालय मनकक्ष विभाग प्रभारी डॉक्टर देवेंद्र झडानिया, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती सीमा डेविड मनकक्ष प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर, कुमारी विनीता, सपोर्टिंग स्टाफ लखन एवं डाबिया खेड़ा आयुष्मान आरोग्य मंदिर के स्टाफ सीएचओ चांदनी महाजन, एएनएम स्टाफ सुनीता अहिरवार, सीमा महाजन, काजल कोहले, मंगली बाई, कविता महाजन, मनीषा अनिल, सविता सुभाष के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष उपस्थित रहे। भ्रमण का उद्देश्य ग्रामीण में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फैले अंधविश्वास, भ्रांतियां एवं कलंक को दूर करते हुए, मानसिक स्वास्थ्य के लिए समर्थन एवं जागरूकता का संदेश देना। गर्भवती माता के लिए मानसिक स्वास्थ्य कल्याण की आवश्यकता एवं महत्व, घर बैठे मानसिक स्वास्थ्य के लिए मनहित अप एवं टेली मानस नंबर 144 16 निःशुल्क 24 घंटे उपलब्ध सेवा के बारे में जानकारी देना है।

